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गृह मंत्रालय
– फोटो : एएनआई (फाइल)
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केंद्रीय गृह मंत्रालय (एमएचए) ने मंगलवार को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम न्यायाधिकरण का गठन किया है। इसमें दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति सचिन दत्ता भी शामिल हैं। यह अधिकरण का मकसद यह तय करना है कि जम्मू-कश्मीर के अलगाववादी संगठन तहरीक-ए-हुर्रियत को गैरकानूनी घोषित करने के लिए पर्याप्त आधार हैं या नहीं। इसे दिवंगत अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी ने साल 2004 में एक सियासी दल के रूप में स्थापित किया था।
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