Home World UK: भारतीय मूल की सर्जन को 1 करोड़ 41 लाख रुपये का हर्जना देने का आदेश, क्या है मामला?

UK: भारतीय मूल की सर्जन को 1 करोड़ 41 लाख रुपये का हर्जना देने का आदेश, क्या है मामला?

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UK: भारतीय मूल की सर्जन को 1 करोड़ 41 लाख रुपये का हर्जना देने का आदेश, क्या है मामला?

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UK Accident Case: इंग्लैंड में 12 साल की लड़की को कार से टक्कर मारने की आरोपी भारतीय मूल की सर्जन को 135,000 पाउंड (1,41,91,512.66 भारतीय रुपये) का हर्जाना देने का आदेश दिया गया है. टक्कर से पीड़िता के सिर में गंभीर चोट आई, कॉलरबोन फ्रैक्चर और अन्य जटिलताएं भी हुईं. यह घटना जनवरी 2018 की बिसेस्टर के बकिंघम रोड पर लड़की अपने स्कूल जा रही थी तब यह टक्कर हुई थी.  

ऑक्सफोर्ड मेल अखबार ने पिछले सप्ताह रिपोर्ट दी कि मिल्टन कीन्स अस्पताल में कंसल्टेंट फिजिशियन चंद्रन अपनी बीएमडब्ल्यू आई3 रेंज एक्सटेंडर में काम पर जा रही थीं, जब यह घटना घटी.

बच्ची 11 मीटर दूर जाकर गिरी
पुलिस ने कहा कि बच्ची का सिर कार की विंडस्क्रीन पर लगा, जिससे शीशा टूट गया. अधिकारियों ने कहा कि टक्कर इतनी जोरदार थी कि बच्ची 11 मीटर दूर जाकर गिरी.

दुर्घटना के बाद, लड़की, को सिर में गंभीर चोट लगी, काफी खून बहा और उसके बाएं कॉलरबोन में फ्रैक्चर हो गया. अदालती दस्तावेजों के अनुसार, उसे तीन दिनों तक इनट्यूबेटेड वेंटिलेटर पर रखा गया और 10 दिनों तक अस्पताल में रही.

दुर्घटना के बाद पहले साल के दौरान, वह मानसिक समस्याओं से ग्रस्त थी, उसे बुरे सपने और पीटीएसडी-टाइप के सिम्टम्स का सामना करना पड़ा. लड़की अब 18 साल की है.

बच्ची ने कहा गाड़ी की रफ्तार बहुत तेज थी
चंद्रन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए बच्ची ने कहा कि वह बहुत तेजी से गाड़ी चला रही थी और अगर वह सुरक्षित और उचित गति से गाड़ी चला रही होती, तो टक्कर नहीं होती.

चंद्रन ने पुलिस को बताया कि वह 28 मील प्रति घंटे की रफ्तार से गाड़ी चला रही थी, जो 30 मील प्रति घंटे की लागू गति सीमा से कम थी. जब लड़की को टक्कर लगी, तो उसने तुरंत अपनी कार रोक दी. अपने बचाव में, चंद्रन ने अदालत को बताया कि यह घटना हरी बत्ती होने पर लड़की के सड़क पर निकलने के कारण हुई.

सुनवाई कर रहे जज ने क्या कहा?
पिछले साल मामले की सुनवाई के दौरान, जज डेक्सटर डायस ने कहा कि यह एक आम गलतफहमी थी कि गति सीमा से ठीक नीचे गाड़ी चलाना उचित है. जज डायस ने कहा था, ‘हालांकि यह मामला किसी मौत का नहीं है, लेकिन यह एक बार फिर दिखाता है कि बहुत और गलत स्पीड से गाड़ी चलाना कितना खतरनाक है.’

इसलिए कोर्ट ने घटा दिया जुर्माना
द मेल की रिपोर्ट के अनुसार, अदालत ने शुरू में प्रस्तावित 225,000 पाउंड के नुकसान में 40 प्रतिशत की कमी की, क्योंकि ट्रैफिक लाइट हरी होने के दौरान लड़की का सड़क पर निकलना उसकी लापरवाही थी.

मुआवजा पिछले महीने उच्च न्यायालय में निर्धारित किया गया था, और निर्णय 11 जनवरी को प्रकाशित किया गया.

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