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Swami Prasad Maurya
– फोटो : अमर उजाला
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सपा के राष्ट्रीय महासचिव व एमएलसी स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि अयोध्या राम मंदिर का उसी दिन स्वागत किया था, जिस दिन सर्वोच्च न्यायालय ने फैसला सुनाया था। जिस तरह भाजपा करोड़ों लोगों के आराध्य भगवान रामलला का राजनीतिकरण कर रही है ये उचित नहीं है। रामलला के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को भाजपा के लोगों ने भारतीय जनता पार्टी का कार्यक्रम बना दिया। इसका किसी अन्य राजनीतिक दलों से कोई लेना-देना नहीं है। ये बातें स्वामी प्रसाद मौर्य ने बुधवार को काशीराम इंटर कॉलेज भगौतीपुर शीतला चौकियां में पूर्व मंत्री पारसनाथ मौर्य की श्रद्धांजलि सभा में कहीं।
प्राण प्रतिष्ठा समारोह में आमंत्रण को लेकर कही ये बात
उन्होंने कहा कि भाजपा के चिह्नित किए गए लोगों के नामों की सूची पहले मंदिर ट्रस्ट को भेजी जाती है तब ट्रस्ट के अध्यक्ष व अन्य पदाधिकारी उन्हीं को आमंत्रित करते हैं, जिनको भाजपा चाहती है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव के निमंत्रण मिलने के सवाल पर कहा कि जब यह पूरा आयोजन ही भाजपा का है तो उसमें दूसरे दल के नेता क्यों जाएंगे। इस कार्यक्रम में परंपरागत करोड़ों श्रद्धालुओं को रोक दिया गया कि 22 जनवरी को कौन आएगा।
भाजपा व ट्रस्ट के लोगों के नाम तय करने से स्पष्ट है कि यह कार्यक्रम श्रद्धालुओं का भी नहीं है, भगवान राम को मानने वालों व आम जनता का भी कार्यक्रम नहीं है। 22 जनवरी को अवकाश पर कहा कि भाजपा सरकार क्या करती है, क्या नहीं करती है यह उनका फैसला है। मंदिर निर्माण का वह पहले भी स्वागत करते रहे आज भी करते हैं।
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