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डैरेन हल्स्ट
– फोटो : Social Media
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हवाई यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए भारत को 2042 तक 2500 नए विमानों की जरूरत होगी। ये बातें बोइंग के कमर्शियल मार्केटिंग सेगमेंट के उपाध्यक्ष डैरेन हल्स्ट ने शुक्रवार को हैदराबाद में कही। हल्स्ट ने एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि हवाई यात्रियों और कार्गो की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए, भारत को अगले दो दशकों में अपने बेड़े के आकार को चार गुना करना पड़ेगा। ऐसे में भारतीय विमानन कंपनियों को अपने बेड़े को पूरा करने के लिए 2,705 से अधिक नए विमानों की जरूरत होगी।
#WATCH | Hyderabad, Telangana: Darren Hulst, Vice President, Commercial Marketing, Boeing Company, says, “…It is probably going to be at least 5 years before our production as an industry catches upto demand that exists in the marketplace…it is the Covid impact and also the… pic.twitter.com/OqaZd2j26L
— ANI (@ANI) January 19, 2024
उन्होंने कहा, “2042 तक इनमें से 92 प्रतिशत से अधिक (2,705 विमानों की जरूरत होगी) या 2,500 से अधिक विमानों की जरूरत होगी।” यह पिछले साल के मध्य में दिए गए पूर्वानुमान पर आधारित है।उन्होंने कहा, “हमारा अनुमान है कि यहां भारत सहित दक्षिण एशिया की विमानन कंपनियों को वर्ष 2042 तक 2,700 से अधिक विमानों की आपूर्ति की आवश्यकता होगी। उन्होंने कहा, विमानों के इस बेड़े में 2,300 से अधिक सिंगल बॉडी वाले जबकि लगभग 400 चौड़ी बॉडी वाले विमानों की जरूरत होगी।
बोइंग के अनुसार, भारत एकमात्र बड़ी अर्थव्यवस्था और एशिया का एक बड़ा बाजार है जो एविएशन क्षेत्र की मांग के मामले में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोरोना के पहले के स्तर तक पहुंचने में सफल रहा है। यह दर्शाता है कि भारतीय बाजार में हवाई यात्रा कितनी महत्वपूर्ण है। यह इस बात का भी प्रमाण है कि भारतीय अर्थव्यस्था के बढ़ने में बढ़ते हवाई यात्रियों की संख्या भी योगदान दे रही है। उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि अगले 20 वर्षों में भारत के कार्गो बेड़े में 80 विमान होंगे, वर्तमान में मालवाहक विमानों की संख्या महज 15 है। इस बेड़े के विस्तार की पर्याप्त संभावना है।
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