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Pakistan Strike in Iran: आखिर पाकिस्तान ने किन हथियारों के इस्‍तेमाल से ईरान में की स्‍ट्राइक?

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Pakistan Strike in Iran: आखिर पाकिस्तान ने किन हथियारों के इस्‍तेमाल से ईरान में की स्‍ट्राइक?

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Pakistan News: पाकिस्तान ने गुरुवार (18 जनवरी) को ईरान में कथित आतंकवादी ठिकानों पर हवाई हमले किए, जिसमें कम से कम नौ लोग मारे गए. पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने बयान में कहा, ‘आज (गुरुवार) सुबह पाकिस्तान ने ईरान के सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत में आतंकी ठिकानों पर टारगेटिड मिलिट्री अटैक किए.’ इसने कहा कि खुफिया सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई में कई आतंकवादी मारे गए.

इस अभियान का कोडनेम ‘मार्ग बार सरमाचर’ था. फारसी भाषा में ‘मार्ग बार’ का मतलब है ‘मृत्यु’ जबकि बलूच भाषा में ‘सरमाचर’ का मतलब गुरिल्ला है. आखिर इस ऑपरेशन को पाकिस्तान ने कैसे अंजाम दिया और इसमें किन हथियारों का इस्तेमाल किया गया?

पाकिस्तानी सेना की मीडिया शाखा इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) ने एक बयान में कहा कि किलर ड्रोन, रॉकेट, लॉइटरिंग एम्युनिशन और स्टैंड-ऑफ हथियार का इस्तेमाल करके सटीक हमले किए गए.

आईएसपीआर ने कहा कि ‘बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) और बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट (बीएलएफ) जैसे आतंकवादी संगठनों के ठिकानों पर खुफिया-जानकारी पर आधारित ऑपरेशन में कामयाबी के साथ हमला किया गया.’  दोनों आतंकी ग्रुप पाकिस्तान में कई कर चुके हैं.

पाकिस्तान ने इन हथियारों का किया इस्तेमाल:-

किलर ड्रोन
किलर ड्रोन छोटे, हथेली के आकार के ड्रोन होते हैं. इन्हें टारगेट्स की तलाश करने और उन्हें खत्म करने के लिए प्रोग्राम किया जा सकता है. ये फेशियल रिकॉग्निशन और शेप्ड एक्सप्लोसिव का इस्तेमाल करते हैं.

लॉइटरिंग एम्युनिशन
एक्सपर्ट बेस्ड रिपोर्ट्स के मुताबिक पारंपरिक यूएवी की तुलना में लॉइटरिंग एम्युनिशन आम तौर पर आकार में छोटे होते हैं. इनका छोटा आकार इन्हें जटिल इलाके और संकरी जगहों में आसानी से नेविगेट करने में सक्षम बनाता है. यह बारूद भरा ऐसा गोला होता है जो कुछ वक्त तक हवा में रहते हुए दुश्मन पर नजर रखता है. दुश्मन जैसे ही इसकी रेंज में आता है, तो यह उसे उसे तबाह कर देता है.

स्टैंडऑफ़ हथियार
स्टैंडऑफ़ हथियार दूर से एयरक्राफ्ट के जरिए दागी गई मिसाइलें हैं. इस ऑपरेशन में स्टैंडऑफ हथियारों के इस्ते का मतलब यह हो सकता है कि पाकिस्तान के फाइटर जेट्स ईरानी एयर स्पेस में नहीं घुसे. 

चीन निर्मित हथियारों क इस्तेमाल
यूरेशियन टाइम्स की एक रिपोर्ट में कहा गया कि ईरान ने चीन निर्मित लड़ाकू जेट जेएफ-17 ‘थंडर’ और जे-10सी ‘वाइगरस ड्रैगन’ का इस्तेमाल किया. जबकि पाकिस्तान ने अपने ऑपरेशन में चीनी मानव रहित हवाई वाहन विंग लूंग II का इस्तेमाल किया.

पहले टारगेट की मौजदूगी की गई कन्फर्म
रिपोर्ट में कहा गया कि पाकिस्तान वायु सेना (पीएएफ) के फाइटर जेट्स ने हवा से जमीन पर मार करने वाले हथियारों के साथ ईरान के अंदर टारगेट्स को निशाना बनाया.

पाकिस्तान ने कहा कि पहले यूएवी के हवाई सर्वे में ‘आतंकवादी टारगेट की मौजूदगी’ कन्फर्म होने के बाद सात जगहों को निशाना बनाया गया.

एयर अटैक में जीआईडीएस बी-आरईके (बूस्टेड रेंज एक्सटेंशन किट) नाम की प्राइमरी सटीक-निर्देशित युद्ध सामग्री (पीजीएम) इस्तेमाल की गई. जो एक रॉकेट-बूस्टेड ग्लाइड बम और 170 किलोमीटर की रेंज वाला एक सटीक-निर्देशित हथियार है.

ईरान ने कहा हमले में 9 नागरिक मारे गए
ईरान के सरकारी ‘प्रेस टीवी’ ने बताया कि ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नासिर कनानी ने हमले की निंदा की. उन्होंने कहा कि ईरान की आपत्ति को पाकिस्तान तक पहुंचाने और हमले के बारे में स्पष्टीकरण देने के लिए मंत्रालय ने पाकिस्तानी प्रभारी को बुलाया.

प्रांत के उप-गवर्नर अलीरजा मरहमती के हवाले से चैनल ने कहा कि हमले में दो पुरुषों, तीन महिलाओं और चार बच्चों सहित नौ गैर-ईरानी नागरिक मारे गए. उन्होंने कहा कि मामले की जांच ईरानी सुरक्षा अधिकारी कर रहे हैं.

मरहमती ने बताया कि प्रांत की राजधानी जाहेदान से 347 किलोमीटर दूर दक्षिण-पूर्व में सरवन शहर के पास भी एक विस्फोट हुआ, जिसमें कोई हताहत नहीं हुआ.

ईरानी हमले के जवाब में पाकिस्तान की कार्रवाई
बात दें ईरान ने मंगलवार को पाकिस्तान में कथित ‘आतंकवादी’ ठिकानों पर हमले किए थे. ईरानी हमलों में कम से कम दो बच्चों की मौत हो गई. ईरान ने दावा किया कि हमले ‘जैश अल-अदल’ नाम के एक आतंकवादी ग्रुप के खिलाफ किए गए. ईरानी हमले के जवाब में ही पाकिस्तान ने जवाबी कार्रवाई की है.

ईरान के हमले और पाकिस्तान के जवाबी हमलों ने पश्चिम एशिया के अस्थिर क्षेत्र में चिंताएं बढ़ा दी है. गाजा पट्टी में हमास के खिलाफ इजराइल के युद्ध और यमन के हुती विद्रोहियों द्वारा लाल सागर में वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाए जाने से इस इलाके में पहले से ही तनाव फैला है.

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