Home Breaking News Gujarat: मोटनाथ झील नाव हादसे मामले में हाईकोर्ट ने गुजरात सरकार से मांगी कार्रवाई रिपोर्ट, जानिए पूरा मामला

Gujarat: मोटनाथ झील नाव हादसे मामले में हाईकोर्ट ने गुजरात सरकार से मांगी कार्रवाई रिपोर्ट, जानिए पूरा मामला

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Gujarat: मोटनाथ झील नाव हादसे मामले में हाईकोर्ट ने गुजरात सरकार से मांगी कार्रवाई रिपोर्ट, जानिए पूरा मामला

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Gujarat boat tragedy: High Court seeks action taken report from state by Jan 29

गुजरात हाईकोर्ट
– फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार


मोटनाथ झील में नाव हादसे के मामले में गुजरात हाईकोर्ट ने 29 जनवरी तक राज्य सरकार से कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है। नाव हादसे में छात्रों और शिक्षकों की मौत पर कोर्ट ने कहा कि इस हादसे ने जनती की अंतरात्मा को झकझोंर दिया है। गौरतलब है कि वडोदरा के पास वाघोडिया में न्यू सनराइड स्कूल के 12 छात्र और दो शिक्षक की गुरुवार के हरणी इलाके में मोटनाथ झील में नाव पलट गई थी, हालांकि हादसे में 18 छात्रों और दो शिक्षकों को बचा लिया गया था। उस समय छात्र पिकनिक पर थे।

घटना ने अंतरात्मा को भीतर तक झकझोंर दिया- कोर्ट

घटना का स्वत: संज्ञान लेते हुए मुख्य न्यायाधीश सुनीता अग्रवाल की अदालत ने एक आदेश में कहा था कि सुरक्षा मानदंडों का पूरी तरह से उल्लंघन किया गया, यह देखना परेशान करने वाला है। पिकनिक के लिए आए बच्चों के पास लाइफ जैकेट तक उपलब्ध नहीं थे। इस घटना के अंतरात्मा को भीतर तक झकझोंर दिया है। आदेश में कहा गया कि गुजरात के गृह विभाग के सचिव अगली तय तारीख तक गुजरात सरकार के गृह विभाग के हलफनामे के साथ मामले में की गई कार्रवाई रिपोर्ट सौंपने का आह्वान करते हैं। मामले में अगली सुनवाई 29 जनवरी तय की गई है। 

पुलिस ने मामले में 19 लोगों के खिलाफ मामला किया दर्ज

शुक्रवार को गुजरात हाईकोर्ट अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष ब्रिजेश त्रिवेदी ने हरणी नाव हादसे के संबंध में समाचार रिपोर्टों को अदालत के संज्ञान में लाया था। पुलिस ने 19 लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 304 (गैर इरादतन हत्या) और 308 (गैर इरादतन हत्या का प्रयास) के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। एक अधिकारी ने पहले कहा था कि अब तक छह लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि अन्य को पकड़ने के प्रयास जारी हैं। अपनी शिकायत में वडोदरा नगर निगम (वीएमसी) ने कहा है कि जिस फर्म ने मनोरंजक उद्देश्यों के लिए झील के किनारे का विकास, संचालन और रखरखाव किया, उसके मालिकों, प्रबंधकों और नाव संचालकों ने कई मामलों में आपराधिक लापरवाही बरती।

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