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भारत बनाम इंग्लैंड
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भारत को टेस्ट क्रिकेट में उसके घर में अंतिम बार 12 साल पहले इंग्लैंड ने 2-1 से हराया था। 2012 में मिली इस हार के बाद कोई भी टीम अब तक भारत को उसकी धरती पर नहीं हरा पाई है। इस बीच भारत ने घर में 16 टेस्ट सीरीज खेली हैं। इनमें भी सात में उसने क्लीन स्वीप किया है। वहीं इंग्लैंड एक बार फिर भारतीय टीम को उसी की मांद में चुनौती देने के लिए उतरी है। बेन स्टोक्स की टीम ने 12 साल पहले एलियस्टर कुक की कप्तानी में मिली सफलता को दोहराने के लिए बैजबॉल (आक्रामक क्रिकेट) की रणनीति को चुना है। बैजबॉल के जरिए उसने दुनिया भर में सफलता अर्जित की है, लेकिन भारत में यह उसके लिए आसान नहीं होगा।
रविचंद्रन अश्विन और रविंद्र जडेजा की अगुवाई में भारतीय पिचों पर स्पिन गेंदबाजी के आगे उन्हें अब तक के सबसे बड़े टेस्ट से गुजरना होगा। अश्विन 500 टेस्ट विकेट से 10 कदम दूर खड़े हैं, वह सीरीज के पांच टेस्ट खेलते हैं तो 100 टेस्ट पूरे कर लेंगे। हैदराबाद में गुरुवार से इंग्लैंड के बैजबॉल और भारत के स्पिनबॉल (स्पिन गेंदबाजी) के बीच वर्चस्व की लड़ाई शुरू होगी। पहल टेस्ट में दोनों टीमें तीन-तीन स्पिनरों के साथ उतरेंगी। 2012 में भारतीय धरती पर सीरीज जीतने के बाद इंग्लैंड ने भारत में नौ टेस्ट खेले हैं, जिसमें सात में उसे हार मिली है, एक जीता और एक ड्रॉ रहा है।
इंग्लैंड ने घोषित की अंतिम एकादश
टेस्ट मैच की पूर्व संध्या पर यह साफ हो गया है कि आकर्षण का केंद्र बिंदु स्पिन गेंदबाजी होगी। कप्तान रोहित शर्मा ने भी बुधवार को माना कि पिच से स्पिन गेंदबाजों को मदद मिलेगी। जैसे-जैसे खेल आगे बढ़ेगा स्पिनर और धारदार होते जाएंगे। वहीं एंडरसन, वुड, ब्रॉड जैसे तेज गेंदबाजों के भरोसे रहने वाली इंग्लैंड ने अपनी अंतिम एकादश की घोषणा करते हुए जैक लीच, टॉम हार्टले और लेग स्पिनर रेहान अहमद के रूप में तीन स्पिन गेंदबाजों को जगह दी है। मार्क वुड टीम के एकमात्र तेज गेंदबाज होंगे। जिमी एंडरसन टीम में जगह नहीं बना पाए हैं।
कुलदीप को मिल सकती है वरीयता
रोहित शर्मा ने अंतिम एकादश की घोषणा तो नहीं की है, लेकिन यह जरूर साफ कर दिया है कि वह तीन स्पिनरों के साथ उतरने जा रहे हैं। रविचंद्रन अश्विन और रविंद्र जडेजा के साथ तीसरे स्पिनर के रूप में कुलदीप यादव या अक्षर पटेल में से एक का चयन होगा। हालांकि रोहित की बातों से लगता है कि एकादश में उनकी पसंद कुलदीप होंगे। रोहित कहते हैं कि विकेट पर चाहें उछाल हो या न हो, दोनों ही परिस्थितियों में वह अहम रहेंगे, क्योंकि उनके पास काफी विविधिता है। बीते वर्षों के मुकाबले वह काफी परिपक्व गेंदबाज बन चुके हैं। उन्हें जडेजा और अश्विन के टीम में होने की वजह से ज्यादा टेस्ट मैच खेलने को नहीं मिले हैं। वहीं अक्षर हमें बल्लेबाजी में गहराई प्रदान करते हैं। उनमें और जडेजा में काफी समानता है। दोनों में से किसी एक को चुनना सिरदर्दी है। वह अभी यह बताने नहीं जा रहे हैं कि दोनों में से टीम में कौन होगा।
विराट की जगह पाटीदार
इंग्लैंड को विराट कोहली के टीम में नहीं होने का मनोवैज्ञानिक लाभ मिलेगा। इस देश के खिलाफ 28 टेस्ट में पांच शतक की मदद से 1991 रन बनाने वाले विराट की जगह पर रहाणे या पुजारा को नहीं बल्कि मध्य प्रदेश के रजत पाटीदार को जगह दी गई है। पाटीदार ने इंग्लैंड लॉयंस के खिलाफ 151 रन की पारी खेली थी। रोहित ने स्पष्ट किया कि अगर हम लगातार सीनियर्स को मौका देते रहेंगे तो फिर युवाओं को कब मौका मिलेगा। हालांकि विराट के नंबर चार स्थान पर श्रेयस अय्यर को खेलना का मौका मिलेगा और नंबर पांच पर केएल राहुल होंगे।
केपटाउन की जीत ने बढ़ाया मनोबल
भारत ने 2012 में इंग्लैंड से हारने के बाद अपनी धरती पर 44 टेस्ट मैच खेले हैं और इनमें से उसे सिर्फ तीन में हार मिली है। बावजूद इसके रोहित शर्मा अपनी टीम पर अपराजेय का ठप्पा नहीं लगाना चाहते हैं। वह कहते हैं कि हम अपनी रणनीति के हिसाब से खेलेंगे, पिछले रिकॉर्ड टीम की जीत की गारंटी नहीं बन सकते हैं। रोहित यह मानते हैं कि द. अफ्रीका के खिलाफ केपटाउन में मिली जीत ने टीम का मनोबल बढ़ाया है, जिसका फायदा वह इस सीरीज में उठाना चाहेंगे।
पिच देखते ही इंग्लैंड ने शामिल किए तीन स्पिनर
इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स कोच ब्रेंडन मैकुलम के साथ पिच देखते ही अपनी एकादश में तीन स्पिनरों जगह दे दी। स्टोक्स कहते हैं कि हमने यह फैसला पिच देखने के बाद लिया है। यह पहली बार नहीं है जब कोई विदेशी टीम भारत में तीन स्पिनर खिलाने जा रही है। ऑस्ट्रेलिया ने भी इससे पहले अपनी एकादश में नॉथन लॉएन, टॉड मर्फी और मैट कुहनेमन को जगह दी थी। स्टोक्स ने एंडरसन पर वुड को वरीयता देने के बारे में कहा कि वह प्रभाव छोडऩे वाले क्रिकेटर हैं। वह 150 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से गेंद फेंक सकते हैं। उनकी शॉर्टपिच गेंदें काफी प्रभावी है। एंडरसन एक पूर्ण पेशेवर हैं, लेकिन उन्हें कार्य भार को देखते हुए टीम में नहीं लिया गया है। टीम के बाकी सदस्यों में जैक क्रॉउले, डकेट, पोप, रूट, बेयरस्टो, फोक्स शामिल हैं।
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