Home Breaking News Odisha Padma Shri: किसी ने कृष्ण लीला तो किसी ने महादेव के नृत्य को सहेजने में खपा दी जिंदगी, पढ़ें इनकी कहानी

Odisha Padma Shri: किसी ने कृष्ण लीला तो किसी ने महादेव के नृत्य को सहेजने में खपा दी जिंदगी, पढ़ें इनकी कहानी

0
Odisha Padma Shri: किसी ने कृष्ण लीला तो किसी ने महादेव के नृत्य को सहेजने में खपा दी जिंदगी, पढ़ें इनकी कहानी

[ad_1]

Padma shri awards to four people of odisha read his full story Dharmendra Pradhan said Thanks to Prez and PM

पद्मश्री पुरस्कार।
– फोटो : Social Media

विस्तार


गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर गुरुवार को पद्म श्री पुरस्कारों का एलान किया गया। पद्मश्री पुरस्कार विजेेताओं की सूची में ओडिशा के भी चार लोगों को जगह दी गई है, जिसमें गोपीनाथ स्वैन, भागवत पधान, बिनोद महराना और बिनोद कुमार पसायत शामिल हैं।

स्वैन की ऐसी है कहानी

गोपनीथ स्वैन (105) ओडिशा के गंजम जिले के निवासी हैं। वे कृष्ण लीला गायक हैं। भारत की परंपरा को बढ़ावा देने और उसे संरक्षित करने के लिए स्वैन ने अपना जीवन समर्पित कर दिया। स्वैन का जन्म कृष्ण लीला कलाकारों के परिवार में हुआ है। वे पांच साल की छोटी उम्र से ही संगीत यात्रा पर निकल गए थे। पारंपरिक तकनीकों और आधुनिक तरीकों के प्रति स्वैन की प्रतिबद्धता ने कृष्ण लीला में जान फूंक दी। इससे दो कालखंडों के बीच एक पुल का निर्माण हुआ।

उन्होंने दखिनाश्री, चिंता देसाख्य, तोडी भटियारी, भटियारी और कुंभा कमोदी पांच प्राचीन राग गाए और सिखाए हैं। स्वैन ने पारंपरिक ग्रामीण स्कूलों की भी स्थापना की और सैकड़ों शिष्यों को अपना ज्ञान प्रदान किया। उम्र के इस पायदान में भी वह दक्षिणी ओडिशा से प्रतिभाओं की खोज कर रहे हैं और इस अनूठी कला को सिखा रहे हैं।

महादेव के नृत्य को आगे बढ़ाया

वहीं, भागवत पधान ओडिशा के बरगढ़ जिले के रहने वाले हैं। 85 साल के पधान सबदा नृत्य के ध्वजावाहक हैं। उन्होंने नृत्य शैली को मंदिरों से आगे बढ़ाया है। उन्होंने अपने जीवन के पचास साल सिर्फ महादेव के नृत्य को संरक्षित करने और उसे आगे बढ़ाने में ही खपा दिए। उन्होंने अपने जीवन में अब तक 600 से अधिक लोगों को नृत्य सिखाया है। 

केंद्रीय मंत्री ने कहा धन्यवाद

ओडिशा के भाजपा नेता और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित होने पर चारों हस्तियों को बधाई दी। उन्होंने एक्स पर एक ट्वीट करते हुए कहा कि ये जमीनी स्तर के चैंपियन हैं। ये भारत का असल गौरव हैं। ओडिशा की कलात्मक और सांस्कृतिक विरासत की सेवा और संरक्षण को बढ़ाने के लिए सभी का धन्यवाद। प्रधान ने ओडिशा के असल कलाकारों को उचित सम्मान देने के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह को धन्यवाद दिया।






[ad_2]

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here