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प्रधानमंत्री मोदी और मालदीव के निर्वाचित राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू (फाइल)
– फोटो : ANI
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भारत और मालदीव के बीच संबंध अब तनावपूर्ण हो गए हैं। तनावपूर्ण संबंधों के बावजूद दोनों देश एक साथ एशियाई चुनाव निकाय कार्यक्रम में शामिल हुए। यह कहना है मालदीव के चुनाव आयोग के अध्यक्ष फुवाद तौफीक का। गौरतलब है कि जब से मोहम्मद मुइज्जू ने मालदीव के राष्टपति पद की शपथ ली है, तब से दोनों देशों के बीच खटास आ गई है। बता दें, मालदीव चुनाव आयोग के अध्यक्ष तौफीक अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ भारत के दौरे पर हैं।
हम अपनी बैठकों में राजनीति की बात नहीं करते
भारतीय चुनाव आयोग की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर तौफीक ने कहा कि भारत की तरह ही मालदीव का चुनाव आयोग भी एक स्वतंत्र संस्था है। हम राजनीति नहीं करते। हम अपनी बैठकों में भी राजनीति की बात नहीं करते हैं। इसलिए मुझे अब तक किसी भी तरह की दिक्कत नहीं आई है। दोनों देशों के चुनाव आयोग एक-दूसरे के बेहद करीब हैं।
भारतीय चुनाव आयोग विशेषज्ञ है
तौफीक का कहना है कि ऐसे तो एएईए कि बैठक के दौरान एक राष्ट्र एक चुनाव बातचीत के मुद्दों में शामिल नहीं था। लेकिन इस पर अलग से चर्चा की गई थी। मुझे लगता है कि भारत में एक साथ चुनाव कराना बहुत बड़ा काम है। क्योंकि भारत बहुत विशाल है। यहां कई राज्य है। भारत के कई राज्य तो ऐसे हैं, जो न जाने कितने देशों से बड़े हैं। यह ईसीई के लिए काफी बड़ी चुनौती है। हालांकि, मुझे यकीन है कि भारतीय चुनाव आयोग विशेषज्ञ है। इनके पास बहुत अनुभव है। अगर भारत का चुनाव आयोग एक साथ चुनाव कराना चाहता है तो मुझे लगता है कि वे इसके लिए खूब अध्ययन करेंगे। ये पहले यह तय करेंगे कि क्या एक साथ चुनाव सही से हो सकता है।
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