Home World Indian Navy: हूती आतंकियों के हमले में ब्रिटिश तेल टैंकर में लगी आग, भारतीय नौसेना ने अदन की खाड़ी भेजा INS Visakhapatnam

Indian Navy: हूती आतंकियों के हमले में ब्रिटिश तेल टैंकर में लगी आग, भारतीय नौसेना ने अदन की खाड़ी भेजा INS Visakhapatnam

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Indian Navy: हूती आतंकियों के हमले में ब्रिटिश तेल टैंकर में लगी आग, भारतीय नौसेना ने अदन की खाड़ी भेजा INS Visakhapatnam

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Indian Navy Rescue Latest Rescue Operation: भारतीय नौसेना को हिंद महासागर का बेताज बादशाह यूं ही नहीं कहा जाता. जब भी वहां पर कोई संकट आता है तो भारतीय नौसेना हमेशा देवदूत के रूप में खड़ी दिखती है. ऐसा ही मामला एक बार फिर सामने आया है. अदन की खाड़ी में यमन के हूती आतंकियों ने एक ब्रिटिश तेल टैंकर एमवी मार्लिन लुआंडा पर मिसाइल अटैक कर दिया, जिसके बाद उसमें आग लग गई है. इस जहाज के चालक दल के सदस्यों में 22 भारतीय और एक बांग्लादेशी है. जहाज की ओर से इमरजेंसी बचाव संदेश मिलने के बाद नौसेना ने अपने मिसाइल विध्वंसक INS विशाखापत्तनम जहाज पर आग बुझाने में मदद करने के लिए एक टीम तैनात की है.

ब्रिटिश जहाज की मदद के लिए पहुंचा INS विशाखापत्तनम

भारतीय नौसेना ने शनिवार को कहा कि उसके निर्देशित मिसाइल विध्वंसक INS विशाखापत्तनम ने ब्रिटिश तेल टैंकर एमवी मार्लिन लुआंडा पर अग्निशमन प्रयासों में मदद के लिए एक टीम तैनात की है, जिसके चालक दल के सदस्यों में 22 भारतीय और एक बांग्लादेशी है. विदेशी मीडिया की खबरों के अनुसार, यमन के हूती आतंकवादियों द्वारा मिसाइल हमले के बाद टैंकर में आग लग गई थी. यह अदन की खाड़ी के प्रमुख नौवहन मार्ग में ईरान समर्थित समूह से जुड़ी नवीनतम घटना है. 

रिपोर्ट के मुताबिक अदन की खाड़ी में ईरान समर्थित हूती आतंकियों के हमले की यह ताजा घटना है. जिसके बाद जहाज की ओर से बचाव के लिए मेसेज भेजे गए. भारतीय नौसेना के प्रवक्ता के मुताबिक एमवी मार्लिन लुआंडा के अनुरोध पर, INS विशाखापत्तनम को मौके की ओर रवाना किया गया. नेवी ने जहाज पर लगी आग को बुझाने के लिए ग्निशमन उपकरणों के साथ अपनी एनबीसीडी टीम को तैनात किया है.

अदन की खाड़ी में हूती विद्रोहियों ने किया था हमला

खबरों के अनुसार, ब्रिटिश तेल टैंकर के क्रू मेंबर ने बताया कि लाल सागर पार करने के बाद जहाज जब अदन की खाड़ी में घुसा तो उस पर एक मिसाइल से हमला किया गया था. अब ब्रिटिश जहाज पर लगी आग बुझाने की कोशिश कर रही भारतीय नौसेना ने कहा, ‘भारतीय नौसेना एमवी (व्यापारिक जहाजों) की सुरक्षा और समुद्र में जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रति दृढ़ और प्रतिबद्ध है.

बताते चलें कि व्यापारिक जहाजों पर हमलों की हालिया घटनाओं के मद्देनजर भारतीय नौसेना ने अरब सागर और अदन की खाड़ी में अपने कई खतरनाक युद्धपोत तैनात किए हैं. इनमें अग्रिम पंक्ति के विध्वंसक और पोत शामिल हैं. इस महीने की शुरुआत में, भारतीय नौसेना ने 17 जनवरी की रात को अदन की खाड़ी में एमवी जेनको पिकार्डी पर ड्रोन हमले के बाद उसके संकटकालीन कॉल का जवाब दिया था. इसके बाद 5 जनवरी को, इसने लाइबेरिया के ध्वज वाले जहाज एमवी लीला नॉरफोक के उत्तरी अरब सागर में अपहरण के प्रयास को विफल कर दिया था और उसके सभी चालक दल के सदस्यों को बचाया था. 

भारतीय नौसेना बन रही देवदूत

इससे पहले, 21 भारतीय चालक दल के सदस्यों वाले लाइबेरिया के ध्वज वाले जहाज एमवी केम प्लूटो को 23 दिसंबर को भारत के पश्चिमी तट के पास ड्रोन हमले से निशाना बनाया गया था. एमवी केम प्लूटो के अलावा, एक अन्य वाणिज्यिक तेल टैंकर जो भारत की ओर आ रहा था, उसी दिन दक्षिणी लाल सागर में एक संदिग्ध ड्रोन हमले का शिकार हो गया. जहाज पर 25 भारतीयों का दल था. 

(एजेंसी भाषा) 

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