Home Breaking News US: पाकिस्तान में बलूचों पर हो रही हिंसा पर अमेरिका बेचैन, सांसद बोला- मानवाधिकारों का हो रहा उल्लंघन

US: पाकिस्तान में बलूचों पर हो रही हिंसा पर अमेरिका बेचैन, सांसद बोला- मानवाधिकारों का हो रहा उल्लंघन

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US: पाकिस्तान में बलूचों पर हो रही हिंसा पर अमेरिका बेचैन, सांसद बोला- मानवाधिकारों का हो रहा उल्लंघन

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US Congressman Brad Sherman: Pak must end enforced disappearances, extrajudicial killings in Balochistan

इस्लामाबाद में बलूच आंदोलनकारी
– फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार


अमेरिकी सांसद ब्रैड शेरमन ने पाकिस्तान के बलूचिस्तान में लोगों पर हो रही हिंसा पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को बलूचिस्तान में लोगों को गायब करने, हत्याएं बंद करनी चाहिए। शनिवार को उन्होंने बलूचिस्तान और सिंघ क्षेत्रों में लोगों के जबरन गायब होने के मुद्दे पर अपनी चिंता व्यक्त की है। 

मानवाधिकार उल्लंघन पर नहीं साध सकते चुप्पी-अमेरिका 

एक कार्यक्रम में अमेरिकी सांसद ब्रैड शेरमन ने कहा कि हालांकि अमेरिका पाकिस्तान के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करता है, लेकिन वहां हो रहे मानवाधिकार उल्लंघन पर चुप नहीं रह सकते हैं। उन्होंने कहा कि हम दुनियाभर में मानवाधिकार उल्लंघनों के खिलाफ खड़े हैं और पाकिस्तान में इस तरह का उल्लंघन दिखाई दे रहा है। कांग्रेसी सांसद की पाकिस्तान में मानवाधिकारों के उल्लंघन की चिंता ने पाकिस्तान की पोल खोल दी है। 

बलूचिस्तान में हिंसा पर अमेरिका चिंतित

अमेरिकी सांसद ब्रैड शेरमन ने सिंध फाउंडेशन के सूफी लघारी और फातिमा के साथ अपनी चर्चाओं को सोशल मीडिया पर साझा किया है। उन्होंने कहा कि सिंध प्रांत में लोगों के गायब होने और हत्याओं की खबरें सामने आ रही हैं। उन्होंने मानवाधिकार उल्लंघनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे नेता महरंग बलूच के मामले पर जोर डाला है। उन्होंने लिखा कि महरांग बलोच 16 साल की थी, जब पाकिस्तान के सुरक्षा बलों ने उनके पिता का अपहरण कर लिया था। महरांग के पिता का शव दो साल बाद मिला। अब वह इस्लामाबाद में महिलाओं के नेतृत्व वाले विरोध प्रदर्शन का हिस्सा है। 

‘बलूचों पर हो रही हिंसा में सब मिले हुए’

इस बीच, बलूच यकजेहती समिति और अन्य अधिकार संगठनों ने आरोप लगाया कि बलूचिस्तान में गैर न्यायिक हत्याओं और निर्दोष लोगों को जबरन गायब करने के पीछे पाकिस्तान के सैन्य संस्थान हैं। एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि देश की राजनीतिक पार्टियां, सरकार, न्यायपालिका इन अपराधों का समर्थन कर रहे हैं।

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