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विजय कुमार सिन्हा बिहार के नए डिप्टी सीएम बने
– फोटो : amar ujala graphics
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बिहार की राजनीतिक एक बार फिर चर्चा में है। नीतीश कुमार नौवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ले चुके हैं। नीतीश के साथ दो उपमुख्यमंत्रियों को शपथ दिलाई गई है। एक डिप्टी सीएम भाजपा नेता विजय कुमार सिन्हा हैं। कभी बिहार विधानसभा के स्पीकर रहे विजय कुमार सिन्हा जाति की राजनीति के कारण सुर्खियों में रहने वाले प्रदेश में भूमिहार जाति का प्रतिनिधित्व करते हैं। विजय सिन्हा का डिप्टी सीएम बनना भाजपा की सधी हुई सियासी चाल के रूप में देखा जा रहा है।
RSS स्वयंसेवक सियासत में संवैधानिक पद तक पहुंचे
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े रहे विजय सिन्हा का जन्म लखीसराय के तिलकपुर में हुआ था। पैतृक घर मोकामा जिले में है। पिता शारदा रमण सिंह हाईस्कूल में प्रभारी प्रधानाध्यापक के रूप में सेवानिवृत्त हुए। जून, 1967 में जन्मे विजय सिन्हा ने राजनीतिक सफर की शुरुआत 1982 में की। माना जाता है कि दुर्गा पूजा समिति के सचिव के रूप में इन्होंने 42 साल से पहले सार्वजनिक सियासत की शुरुआत की। आरएसएस से जुड़ाव के कारण विजय सिन्हा बिहार की राजनीति में भाजपा के प्रमुख चेहरों में गिने जाते हैं।
कौन हैं विजय कुमार सिन्हा
बिहार की राजनीतिक हलचल के बीच रविवार को भाजपा ने शपथ ग्रहण से पहले सम्राट चौधरी को विधायक दल का नेता और विजय सिन्हा को उप-नेता चुना। 2005 में पहली बार जदयू-भाजपा गठबंधन की सरकार बनने के बाद करीब 15 साल तक जदयू ने विधानसभा स्पीकर का पद अपने पास रखा। 2020 में पहली बार भाजपा के कोटे से विधानसभा स्पीकर चुना गया। विजय कुमार सिन्हा का विधानसभा अध्यक्ष बनना चौंकाने वाला फैसला माना गया, क्योंकि नीतीश कथित तौर पर भाजपा के इस प्रत्याशी को पसंद नहीं करते।
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