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सांकेतिक तस्वीर
– फोटो : file photo
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जॉर्डन में ईरान समर्थित आतंकियों के हमले में अमेरिकी सेना के तीन जवान मारे गए, जबकि कई घायल हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने एक बयान में कहा कि अमेरिका हमलावरों की जिम्मेदारी तय करेगा। अमेरिकी सेंट्रल कमान ने एक बयान जारी कर 25 जवानों के घायल होने की बात कही है। राष्ट्रपति बाइडन ने ईरान समर्थित लड़ाकों के हमले की बात कही, लेकिन इसके लिए किसी खास समूह का नाम नहीं लिया है। अमेरिकी अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि हमले में किस समूह का हाथ है।
गाजा में इस्राइल और हमास के बीच चल रही लड़ाई के बीच जॉर्डन में किसी अमेरिकी सैन्य अड्डे पर हमले की यह पहली घटना है, जिसके कारण पहले से ही युद्ध ग्रस्त इस क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका है। जॉर्डन राजशाही की सीमा इराक, इस्राइल, फलस्तीन, सऊदी अरब और सीरिया के साथ लगती है। अमेरिकी सेना लंबे समय से जॉर्डन का इस्तेमाल बेस के रूप में कर रही है और रविवार को हमला उत्तरी जॉर्डन में सीरिया की सीमा के पास हुआ है। जॉर्डन में करीब तीन हजार अमेरिकी सैनिक हैं।
जॉर्डन की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं सामने आई है। हालांकि सरकारी टीवी चैनल ने सरकार के प्रवक्ता के हवाले से कहा कि अमेरिकी सैनिकों पर हमला जॉर्डन से बाहर सीरिया की सीमा पर हुआ है। दोनों देशों के बयानों में विरोधाभास की स्थिति देर रात तक बनी हुई थी।
गाजा में लड़ाई शुरू होने के बीच इराक और सीरिया में अमेरिकी सैनिकों पर ड्रोन और मिसाइल हमले लगातार हो रहे हैं। रविवार को हुए हमले की सूचना अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन को दक्षिण कैरोलिना के कोलंबिया में रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने दी।
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