Home Breaking News IMF: 2024-2025 में भारत की विकास दर 6.5% रहने का अनुमान, इस साल 3.1 फीसदी रह सकती है वैश्विक GDP की वृद्धि दर

IMF: 2024-2025 में भारत की विकास दर 6.5% रहने का अनुमान, इस साल 3.1 फीसदी रह सकती है वैश्विक GDP की वृद्धि दर

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IMF: 2024-2025 में भारत की विकास दर 6.5% रहने का अनुमान, इस साल 3.1 फीसदी रह सकती है वैश्विक GDP की वृद्धि दर

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IMF Says India growth to remain strong at 6.5 percent in 2024 and 2025

IMF
– फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार


अतंरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने भारत की अर्थव्यवस्था पर बड़ा दावा किया है। आईएमएफ के अनुसार, आने वाले दो साल 2024 और 2025 में भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत रहेगी। भारत में विकास मजबूत रहेगी। आईएमफ ने बताया कि भारत का विकास दर चीन से भी आगे भी रहेगा। वैश्विक संस्था के मुताबिक, विकासशील देशों की सूची में भारत आने वाले वर्षों में सबसे मजबूत रहेगा। 

भारत के लिए राहत भरे आंकड़े

दरअसल, आईएमएफ ने मंगलवार को ‘विश्व आर्थिक आउटलुक’ रिपोर्ट जारी किया है। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत का विकास आने वाले दो साल मजूबत रहेगा। 2024 और 2025 में भारत का विकास दर 6.5 रहने का अनुमान है। एक दिन पहले ही जारी हुई रिपोर्ट भारत को राहत दे सकती है। वैश्विक स्तर पर बात करें तो रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक विकास 2025 में 3.1 तो वहीं यह विकास दर अगले साल 2025 में बढ़कर 3.2 फीसदी हो जाएगा। वहीं, भारत का मुख्य प्रतिद्वंद्वी चीन आंकड़ों में भारत से काफी पीछे है। 

चीन की हालत नाजुक, अमेरिका के लिए चिंता बरकरार

आईएमएफ के अनुसार, 2024 में चीन का विकास दर 4.6 प्रतिशत तो 2025 में 4.1 प्रतिशत रहने का अनुमान है। आईएमएफ के आंकड़ों की मानें तो चीन को 2025 में झटका लग सकता है। वहीं, विश्व की सबसे मजबूत और बड़ी अर्थव्यवस्था अमेरिका का विकास दर भी रिपोर्ट में गिरने का अनुमान है। अमरिका का विकास दर जो 2023 में 2.5 प्रतिशत थी, वही विकास दर 2024 में 2.1 प्रतिशत तो वहीं 2025 में मात्र 1.7 प्रतिशत ही रह जाएगी। रिपोर्ट के आंकड़े अमेरिका के लिए थोड़ा डराने वाले साबित हो सकते हैं।

विकास और बढ़ोत्तरी रफ्तार पकड़ने वाली

आईएमएफ के प्रमुख अर्थशास्त्री पियरे-ओलिवियर गौरींचास ने एक ब्लॉग पोस्ट में कहा कि रिपोर्ट से साफ होता है कि भारत उभरती अर्थव्यवस्थाओं में सबसे अधिक तेजी से बढ़ने वाला देश है। बादल अब छंटने लगे हैं। वैश्विक अर्थव्यवस्था सफल लैंडिंग की ओर है। महंगाई धीरे-धीरे कम हो रही है तो वहीं विकास और बढ़ोत्तरी रफ्तार पकड़ने वाली है। हालांकि, विस्तार और विकास की गति फिलहाल धीमे है। अमेरिका और चीन में भी विकास की उम्मीद बहुत कम है। इसका मुख्य कारण है अमेरिका की कड़ी आर्थिक नीति और चीनी की दुर्गति का मुख्य कारण है कमजोर खपत और कमजोर निवेश।

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