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न्यायमूर्ति प्रसन्ना बी. वराले, न्यायमूर्ति बेला एम. त्रिवेदी
– फोटो : अमर उजाला।
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सर्वोच्च न्यायालय ने बुधवार को एक महिला को 32 हफ्ते से ज्यादा समय के गर्भ को गिराने की अनुमति देने से इनकार कर दिया। शीर्ष अदालत ने कहा कि मेडिकल बोर्ड ने भी इस बात को माना है कि इसे अब खत्म नहीं किया जा सकता है। छब्बीस वर्षीय महिला के पति की पिछले साल अक्तूबर में मौत हो गई थी।
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