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गुरु और शिष्य की परंपरा सनातन काल से अब तक चली आ रही सबसे श्रेष्ठ परंपरा मानी जाती है। उदाहरण दिए जाते हैं कि कैसे आरुणि ने अपने गुरु के आदेश का पालन करने के लिए अपना जीवन दांव पर लगा दिया था और भी न जाने कितनी ही कहानियां भारतीय परंपरा में गुरु और शिष्य के रिश्ते को बताती हैं। अभिनेता अनुपम खेर भी निर्माता-निर्देशक महेश भट्ट को अपना गुरु मानते हैं। भट्ट की फिल्म ‘सारांश’ से उनका बड़े परदे पर करियर शुरू हुआ। इस फिल्म का पहला शॉट 2 फरवरी 1984 को लिया गया। तो, इसकी सालगिरह पर अनुपम खेर को इस साल ये मौका याद आया और उन्होंने किया कुछ ऐसा, जो बहुत ही रोचक और पढ़ने लायक है।
सब जानते हैं कि अभिनेता अनुपम खेर ने महेश भट्ट के निर्देशन में बनी फिल्म ‘सारांश’ से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की। 28 साल की उम्र में अभिनेता अनुपम खेर ने 65 वर्ष के बुजुर्ग बी पी प्रधान का किरदार निभाया। इस फिल्म को अपने करियर की बेहतरीन फिल्म मानने वाले अनुपम खेर ने 75 साल के हो चुके महेश भट्ट को शुक्रवार को अपने एक्टिंग इंस्टीट्यूट बुला लिया। बहाना रखा कि वह गुरु दक्षिणा देना चाहते हैं। महेश भट्ट की माने तो अनुपम उन्हें अपनी हर फिल्म पर गुरु दक्षिणा देते ही देते हैं। लेकिन, कभी किसी गुरु दक्षिणा कार्यक्रम का प्रचार अनुपम खेर ने शायद ही किया हो। आम तौर पर दक्षिणा देने शिष्य ही गुरु के घर जाता है, लेकिन यहां मामला उल्टा था और इसी ने लोगों का ध्यान इस तरफ खींचा।
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