Home Breaking News ED: धनशोधन मामले की जांच, महाराष्ट्र-MP के 11 ठिकानों पर छापेमारी, यूको बैंक से जुड़ी है 110 करोड़ की धोखाधड़ी

ED: धनशोधन मामले की जांच, महाराष्ट्र-MP के 11 ठिकानों पर छापेमारी, यूको बैंक से जुड़ी है 110 करोड़ की धोखाधड़ी

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ED: धनशोधन मामले की जांच, महाराष्ट्र-MP के 11 ठिकानों पर छापेमारी, यूको बैंक से जुड़ी है 110 करोड़ की धोखाधड़ी

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ED Raids PMLA Money Laundering Maharashtra Madhya Pradesh Locations

मध्य प्रदेश और राजस्थान में ईडी की रेड।
– फोटो : social media

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धनशोधन यानी मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अधिकारियों ने महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के 11 ठिकानों पर छापेमारी की। यूको बैंक कन्सॉर्टियम के साथ लगभग 110 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के इस मामले में ईडी के अधिकारियों ने एक साथ तलाशी अभियान शुरू किया। प्रवर्तन निदेशालय की इस कार्रवाई के बारे में जारी बयान के मुताबिक ईडी के अधिकारियों ने मध्य प्रदेश की एक एड कंपनी और उसके निदेशकों के खिलाफ 11 परिसरों में तलाशी ली। इस कंपनी पर यूको बैंक-एल एड के साथ 109.87 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की थी।

मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के इन ठिकानों पर हुई छापेमारी

ईडी के अधिकारियों ने कहा कि धन शोधन निवारण कानून 2002 (PMLA) के प्रावधानों के तहत मध्य प्रदेश राज्य के इंदौर, जौरा और मंदसौर में छापेमारी की गई। महाराष्ट्र के अलोका में नारायण निर्यात इंडिया प्राइवेट लिमिटेड समूह की कंपनियों और निदेशकों के आवासों पर भी तलाशी ली गई। ईडी के अधिकारियों ने तलाशी के दौरान दोनों राज्यों के 11 ठिकानों से आपत्तिजनक दस्तावेज, बैंक खातों से जुड़े रिकॉर्ड और अचल/चल संपत्तियों का विवरण भी जब्त किया है।

ईडी ने कंपनी के खिलाफ दर्ज एफआईआर में भारतीय दंड संहिता (IPC अब नए कानून का नाम- भारतीय न्याय संहिता या BNS) की अलग-अलग धाराओं के तहत कई आरोप लगाए हैं। सीबीआई भी अलग-अलग धाराओं के तहत दर्ज मामले में आरोप पत्र दायर कर चुकी है। सीबीआई के एसी-IV व्यापमं भोपाल इस मामले की जांच कर रहे हैं।

सीबीआई जांच में पता लगा कि 2011 से 2013 की अवधि में धोखाधड़ी की आरोपी कंपनी ने लेटर ऑफ क्रेडिट (LC) और एक्सपोर्ट पैकिंग क्रेडिट इट (EPC) के रूप में लगभग 110.50 करोड़ रुपए की क्रेडिट आईटी सुविधाओं का लाभ उठाया। जिस बैंक से लाभ हासिल किया गया इसमें कोई बड़े बैंक हैं। बता दें कि विलय के बाद पंजाब नेशनल बैंक नाम के तहत कारोबार हो रहा है। विलय से पहले यूको बैंक, कॉरपोरेशन बैंक और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया अलग-अलग सेवाएं देते थे। आरोप है कि कंपनी 109.87 करोड़ रुपये का कर्ज चुकाने में विफल रही। बैंक लोन हासिल करने के लिए फर्जी कागजातों का सहारा लिया गया। फंड का इस्तेमाल भी उस उद्देश्य के लिए नहीं किया गया जिसके लिए लोन स्वीकृत किया गया था।






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