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केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल (वीडियो ग्रैब)
– फोटो : sansad tv youtube
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देश में एक साथ चुनाव (One Nation One Election) कराने की संभावनाओं पर विचार कर रही सरकार ने पूर्व राष्ट्रपति रामानाथ कोविंद की अध्यक्षता में समिति गठित की है। समिति एक साथ चुनाव कराने से जुड़े तमाम पहलुओं पर विचार कर रही है। ताजा घटनाक्रम में कानून मंत्रालय ने संसद में एक सवाल के जवाब में अहम जानकारी दी। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने संसद के बजट सत्र के तीसरे दिन एक लिखित जवाब में लोकसभा को बताया कि कोविंद समिति को कोई डेडलाइन नहीं दी गई है।
राजनीतिक दलों की तरफ से 35 प्रतिक्रियाएं मिलीं; कोई डेडलाइन तय नहीं
मेघवाल ने बताया कि कोविंद समिति को देश में एक साथ चुनाव कराने की संभावनाओं पर राजनीतिक दलों की तरफ से 35 प्रतिक्रियाएं मिल चुकी हैं। उन्होंने कहा कि इस उच्च स्तरीय समिति को अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए कोई समयसीमा नहीं दी गई है। सरकार से यह भी पूछा गया कि क्या समिति के लिए विभिन्न क्षेत्रों से मिल रहे सुझावों पर विचार करने के लिए कोई समय सीमा तय की गई है? इस सवाल पर भी मेघवाल ने कहा कि समिति के सामने समय की पाबंदी नहीं है।
समिति किन चुनावओं और पहलुओं पर मंथन करेगी
गौरतलब है कि सरकार ने सितंबर, 2022 में पूर्व राष्ट्रपति कोविंद की अध्यक्षता में समिति का गठन किया था। इस समिति को मौजूदा संवैधानिक ढांचे का ध्यान रखते हुए लोकसभा, राज्यों की विधानसभाओं, नगर पालिकाओं और पंचायतों में एक साथ चुनाव की संभावनाओं पर मंथन के बाद सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपनी है। समिति चुनावी खर्च, सुरक्षाबलों की जरूरत, चुनाव और मतदानकर्मियों की उपलब्धता जैसे पहलुओं पर विचार के बाद सरकार को देश में एक साथ चुनाव कराने की संभावना पर अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपेगी।
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