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केरल पुलिस
– फोटो : सोशल मीडिया
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केरल पुलिस ने शनिवार को कालीकट के राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) की एक महिला प्रोफेसर के खिलाफ मामला दर्ज किया। प्रोफेसर ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में लिखा था कि नाथूराम गोडसे ने महात्मा गांधी की हत्या करके भारत को बचाया था। ‘भारत को बचाने के लिए गोडसे पर गर्व है।’
विवादित पोस्ट के बाद एसएफआई, केएसयू और एमएसएफ सहित विभिन्न छात्र संगठनों ने कालीकट शहर के कई पुलिस थानों में प्रोफेसर ए शाइजा के खिलाफ कई शिकायतें दर्ज कराईं। इसके बाद पुलिस ने उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 153 (दंगा भड़काने के इरादे से जानबूझकर उकसाना) के तहत प्राथमिकी दर्ज की। कोझिकोड जिले के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा को बताया कि प्रोफेसर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच शुरू हो गई है।
एनआईटी में मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग की वरिष्ठ संकाय सदस्य शाइजा ने 30 जनवरी को अपनी टिप्पणी पोस्ट की थी। महिला प्रोफेसर ने वकील कृष्णा राज की पोस्ट पर यह टिप्पणी की थी, जिन्होंने गोडसे की तस्वीर साझा करते हुए कहा था कि हिंदू महासभा के कार्यकर्ता नाथूराम विनायक गोडसे भारत में कई लोगों के नायक हैं। हालांकि, विवाद बढ़ने के बाद प्रोफेसर ने अपना कमेंट डिलीट कर दिया था।
विवादों में एनआईटी-कालीकट
एनआईटी-कालीकट छात्रों के एक वर्ग द्वारा 22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन का जश्न मनाने के बाद पहले से ही विवादों में घिरा हुआ है। वैशाख नाम के एक छात्र ने कथित तौर पर उत्सव का विरोध किया था, जिसके बाद छात्रों के दो वर्गों के बीच विवाद हो गया था। बाद में एनआईटी प्रशासन ने वैशाख को निलंबित कर दिया था। छात्रों के बीच विवाद की घटना के बाद पुलिस ने 10 छात्रों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
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