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US Air Strike: अमेरिका ने की इराक और सीरिया में ईरानी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक, बाइडेन ने दी ये चेतावनी

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US Air Strike: अमेरिका ने की इराक और सीरिया में ईरानी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक, बाइडेन ने दी ये चेतावनी

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US-Iran Tensions: अमेरिकी सेना ने शुक्रवार को इराक और सीरिया में ईरानी समर्थित मिलिशिया और ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड (आईआरजीसी) के दर्जनों ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की. पिछले वीकेंड जॉर्डन में हुए ड्रोन हमले में तीन अमेरिकी सैनिकों की मौत के बाद अमेरिका ने यह कार्रवाई की है.

एपी की मुताबिक राष्ट्रपति जो बाइडेन ने एक बयान में कहा, ‘संयुक्त राज्य अमेरिका मध्य पूर्व या दुनिया में कहीं भी संघर्ष नहीं चाहता है. लेकिन वे सभी जो हमें नुकसान पहुंचाना चाहते हैं, उन्हें यह जान लेना चाहिए: यदि आप किसी अमेरिकी को नुकसान पहुंचाते हैं, तो हम जवाब देंगे.’

बाइडेन ने अपने बयान में फिर से वही बात कही और कहा, ‘हमारी प्रतिक्रिया आज शुरू हुई. यह हमारी पसंद के समय और स्थानों पर जारी रहेगा.’

85 टारगेट्स को बनाया निशाना
अमेरिकी हमलों में सात जगहों पर 85 से अधिक टारगेट्स को निशाना बनाया गया. इनमें कमांड और क्ंट्रोल हेडक्वार्टर, इंटेलिजेंस सेंटर, रॉकेट और मिसाइल, ड्रोन और गोला-बारूद भंडार और अन्य जगहें शामिल हैं जो मिलिशिया या आईआरजीसी के कुद्स फोर्स से जुड़ी थीं.

बता दें कुद्स फोर्स आईआरसीजी की अभियान यूनिट है जो तेहरान के क्षेत्रीय मिलिशिया के साथ संबंधों और हथियारों को संभालती है.

ईरान की सीमा में घुसने से बच रहा है अमेरिका
एपी के मुताबिक ऐसा लगता है कि अमेरिकी हमले सीधे तौर पर ईरान या उसकी सीमाओं के भीतर रिवोल्यूशनरी गार्ड कुद्स फोर्स के वरिष्ठ नेताओं को निशाना नहीं बनाएंगे, क्योंकि अमेरिका संघर्ष को और अधिक बढ़ाने से रोकने की कोशिश कर रहा है. बता दें ईरान ने जॉर्डन हमले के पीछे अपना हाथ होने से इनकार किया है.

सावधानीपूर्वक चुने गए टारगेट्स
राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने कहा कि नागरिकों को नुकसान बचने के लिए टारगेट्स को सावधानीपूर्वक चुना गया और यह चुनाव स्पष्ट, अकाट्य सबूतों पर आधारित था कि वे क्षेत्र में अमेरिकी सैनिकों पर हमलों से जुड़े थे. हालांकि उन्होंने यह बताने से इनकार कर दिया कि ये सबूत क्या थे.

30 मिनट तक हुए हमले
ज्वाइंट स्टाफ के निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल डगलस सिम्स ने कहा, ‘हमले लगभग 30 मिनट तक हुए और जिन स्थानों पर हमला किया गया उनमें से तीन इराक में और चार सीरिया में थे.’

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि हमलों में 125 से अधिक सटीक युद्ध सामग्री का इस्तेमाल किया गया. युद्ध सामग्री को संयुक्त राज्य अमेरिका से उड़ाए गए लंबी दूरी के बी-1 बमवर्षक सहित कई विमानों द्वारा वितरित किया गया था.

 

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