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चुनाव में लगे अधिकारी
– फोटो : Election Commission of India
विस्तार
साल 1950, एक देश जो साढ़े ढाई साल पहले आजाद हुआ, एक देश जो करीब सवा महीने पहले गणतंत्र बना, वो अब चुनाव में जा रहा था। इस देश ने अपने संविधान की रचना में कई पश्चिम के देशों के संविधान की बहुत सी बातों को लिया, लेकिन उनके रास्ते को नहीं चुना। पश्चिम के देशों में जहां पहले कुछ शक्तिशाली तबकों को ही वोट देने का आधिकार था, लंबे समय तक इन देशों में कामगारों और महिलाओं को मतदान का अधिकार नहीं मिला था। लेकिन नया-नया गणतंत्र बना 25 करोड़ की आबादी वाला यह देश सीधे तौर पर अपने जन प्रतिनिधियों को चुनने जा रहा था। इस मुल्क की जनता अपने हुक्मरानों को चुनने वाली थी। वो जनता जिसमें 85 फीसदी आबादी पढ़ी-लिखी नहीं थी। बात हिन्दुस्तान की हो रही है।
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