Home Sports विंडीज के खिलाफ भी डबल सेंचुरी जड़ना चाहता था लेकिन… यशस्वी का छलका दर्द

विंडीज के खिलाफ भी डबल सेंचुरी जड़ना चाहता था लेकिन… यशस्वी का छलका दर्द

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विंडीज के खिलाफ भी डबल सेंचुरी जड़ना चाहता था लेकिन… यशस्वी का छलका दर्द

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नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट टीम के युवा बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट में डबल सेंचुरी जड़कर बेहद खुश हैं. जायसवाल का कहना है कि विंडीज के खिलाफ वह दोहरा शतक जड़ने से चूक गए थे लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ उन्होंने उसकी भरपाई की. जायसवाल का कहना है कि रन बनाने के लिए किसी रॉकेट साइंस की जरूरत नहीं होती बल्कि वह अपने नियमित चीजों पर ध्यान देते हैं और रन अपने आप बनते हैं. यशस्वी ने अपने करियर के छठे ही टेस्ट में डबल सेंचुरी जमाई.

यशस्वी जायसवाल (Yashasvi Jaiswal) दिनचर्या पर बहुत जोर देते हैं और अपना काम ऐसे तरीके से करते हैं जो उनके शरीर के अनुकूल हो जिससे वह जो भी करते हैं उसमें अच्छा स्वास्थ्य और बेहतर उत्पादकता होती है. बाएं हाथ के 22 साल के इस बल्लेबाज के दोहरे शतक की दूसरे क्रिकेट टेस्ट में भारत की 106 रन की जीत में अहम भूमिका रही जिससे मेजबान टीम ने 5 मैच की सीरीज 1-1 से बराबर कराई.

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‘मेरे जीवन में प्रक्रिया बहुत महत्वपूर्ण है’
यशस्वी जायसवाल पिछले साल वेस्टइंडीज के खिलाफ भी दोहरे शतक के करीब पहुंचे थे लेकिन 29 रन से चूक गए. जायसवाल ने टेस्ट मैच के बाद जियो सिनेमा से कहा, ‘पिछली बार जब मैंने (वेस्टइंडीज के खिलाफ) 171 रन बनाए थे तो मैं दोहरा शतक बनाना चाहता था लेकिन ऐसा नहीं हो सका. मैं हमेशा सोचता हूं कि अगर मैं अपनी दिनचर्या पर ध्यान दूं तो रन आएंगे. मेरे जीवन में प्रक्रिया बहुत महत्वपूर्ण है. मैं कितने बजे सोता हूं, क्या खाता हूं, कितना अच्छा अभ्यास करता हूं. मुझे लगता है कि अगर ये सब ठीक रहेगा तो प्रदर्शन भी अच्छा रहेगा.’

‘अगर मैं धैर्य रखता हूं तो बड़ी पारी खेल सकता हूं’
इस युवा बल्लेबाज ने कहा, ‘जब मैं मैदान पर जाता हूं तो मुझे आत्मविश्वास महसूस होता है क्योंकि मैं जानता हूं कि मैंने कितनी कड़ी मेहनत की है और मुझे बस वहां जाकर खुद को जाहिर करने की जरूरत है. मैं हमेशा टीम के लिए खेलने की कोशिश करता हूं. पिछले मैच में उन्होंने मुझे कहा था कि मैं जितने चाहे उतने शॉट खेल सकता हूं और मैंने अलग तरह से खेला. यहां मुझे लगा कि विकेट बहुत अच्छा था और अगर मैं धैर्य रखता हूं तो बड़ी पारी खेल सकता हूं. हमने शुरुआत में विकेट खो दिए थे इसलिए मैंने सोचा कि मुझे जिम्मेदारी लेनी चाहिए और जितना हो सके उतना अधिक समय क्रीज पर टिके रहना चाहिए.’

कांबली और गावस्कर के क्लब में हुए शामिल
यशस्वी जायसवाल शनिवार को 22 साल और 36 दिन की उम्र में विनोद कांबली और सुनील गावस्कर के बाद टेस्ट क्रिकेट में दोहरा शतक जड़ने वाले देश के तीसरे सबसे युवा खिलाड़ी बन गए.

Tags: IND vs ENG, India Vs England, Yashasvi Jaiswal

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