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NPS: वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी
– फोटो : Amar Ujala/Rahul Bisht
विस्तार
केंद्र सरकार ने पुरानी पेंशन को लेकर अपनी मंशा साफ कर दी है। पुरानी पेंशन बहाली के लिए कोई काम नहीं हो रहा। नई पेंशन योजना के अंतर्गत सरकारी कर्मचारियों के लिए पेंशन के मुद्दे की जांच करने के मकसद से एक समिति का गठन किया गया है। वह समिति, वित्तीय निहितार्थों और समग्र बजटीय गुंजाइश पर इसके प्रभाव को ध्यान में रखते हुए, ऐसे उपाय सुझावित करेगा, जो राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के तहत शामिल सरकारी कर्मचारियों के पेंशन संबंधी लाभों में सुधार लाने के लिए उपयुक्त होंगे। खास बात है कि एनपीएस में जिन बदलावों की सिफारिश होगी, उसमें सामान्य नागरिकों के संरक्षण के हितों को ध्यान में रखा जाएगा।
इन सांसदों ने नई पेंशन योजना पर पूछा था सवाल
संसद के मौजूदा सत्र में सांसद डिंपल यादव और संगीता कुमारी सिंह देव ने नई पेंशन योजना को लेकर सवाल पूछा था। दोनों सांसदों ने पूछा, क्या सरकार ने नई पेंशन योजना के अंतर्गत सरकारी कर्मचारियों के लिए पेंशन के मुद्दे की जांच करने के लिए एक समिति का गठन किया है। यदि हां, तो तत्संबंधी ब्यौरा क्या है। क्या समिति अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत करने की प्रक्रिया में है, यदि हां, तो तत्संबंधी ब्यौरा क्या है। क्या सरकार की एनपीएस के अंतर्गत पेंशन के रूप में आहरित अंतिम वेतन का न्यूनतम पचास फीसदी प्रदान करने की कोई योजना है। यदि हां, तो सरकार द्वारा इस संबंध में क्या कदम उठाए गए हैं या उठाए जा रहे हैं।
वित्त राज्य मंत्री ने किया कमेटी का जिक्र
वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने उक्त सवालों के जवाब में सदन को बताया, नई पेंशन योजना के अंतर्गत सरकारी कर्मचारियों के लिए पेंशन के मुद्दे की जांच करने के लिए एक समिति का गठन किया गया है। बाकी सवालों के जवाब में चौधरी ने बताया, वित्त मंत्री द्वारा लोकसभा में 24 मार्च 2023 को की गई घोषणा के अनुसरण में केंद्र सरकार ने एक समिति का गठन किया है, जिसकी अध्यक्षता वित्त सचिव कर रहे हैं। वित्त सचिव एवं सचिव (व्यय), कमेटी के अध्यक्ष बनाए गए हैं। कमेटी के सदस्यों में सचिव, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग, कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय, विशेष सचिव (कार्मिक) व्यय विभाग वित्त मंत्रालय और अध्यक्ष, पेंशन निधि विनियामक एवं विकास प्राधिकरण ‘पीएफआरडीए’ शामिल हैं।
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