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नई दिल्ली. रीवा के यूनिवर्सिटी ग्राउंड पर एरिल एंथनी अपनी एकेडमी के बच्चों को क्रिकेट के गुर सिखा रहे थे. तभी उनके पास एक बच्चा आता है. सुस्त और बीमार सा. बच्चे के साथ आए पिता कहते हैं कि इसे अपनी एकेडमी में ले लीजिए. बीमार रहता है. डॉक्टर ने कहा है कि खेलने से तबीयत सुधर जाएगी. कोच एरिल के पास एडमीशन का ऐसा केस शायद पहली बार आया था, जिसमें बच्चे का क्रिकेटर बनना नहीं, स्वस्थ होना प्रायरिटी थी. पारखी नजर वाले एरिल ने उस बच्चे को एकेडमी में जगह दी और क्रिकेट के गुर सिखाने लगे. समय बीता. जो बच्चा बीमारी से लड़ने के लिए क्रिकेट के मैदान पर उतरा था, वह अब शिकारी हो चुका था. बैटर्स के विकेट उड़ाना आदत हो गई थी. अपनी इसी आदत के चलते सौम्य पांडे (Saumy Pandey) ने अंडर19 वर्ल्ड कप (Under 19 World Cup) में भारत के लिए सबसे अधिक विकेट झटक लिए हैं. दक्षिण अफ्रीका की तेज पिचों पर स्पिनर सौम्य की यह कामयाबी किसी को भी प्रेरित कर सकती है.
भारतीय क्रिकेट टीम अंडर19 वर्ल्ड कप (Under 19 World Cup) के फाइनल में पहुंच चुकी है. भारत की इस कामयाबी का श्रेय ज्यादातर बैटर्स को दिया जा रहा है. लेकिन उस गेंदबाज को लोग भुला दे रहे हैं, जिसने भारत के लिए सबसे अधिक विकेट झटके हैं. उप कप्तान सौम्य पांडे ने अंडर19 वर्ल्ड कप में 6 मैच खेलकर 17 विकेट झटक लिए हैं. वे टूर्नामेंट में सबसे अधिक विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में दूसरे नंबर पर हैं. पहले नंबर पर ‘बेबी रबाडा’ कहे जा रहे क्वेन मफाका हैं, जिन्होंने 21 विकेट लिए. लेकिन अगर आप क्वेन मफाका से भी तुलना करेंगे तो पाएंगे कि सौम्य पांडे इस अफ्रीकी पेसर से कहीं ज्यादा प्रभावी रहे हैं. सौम्य पांडे ने 8.47 की औसत से विकेट झटके हैं. उनका इकोनॉमी रेट 2.44 है. जबकि ‘बेबी रबाडा’ का इकोनॉमी रेट 3.81 रहा, जो सौम्य के मुकाबले डेढ़ गुना रहा.
खेल को पढ़ना जानते हैं सौम्य
न्यूज18 हिंदी ने सौम्य के कोच एरिल एंथोनी से खास बातचीत की. एरिल कहते हैं, ‘सौम्य तेज दिमाग क्रिकेटर है. वह खेल को पढ़ना जानता है. परिस्थितियों को भांपकर अपनी लाइन-लेंथ बदलना उसकी सबसे बड़ी खूबी है. उसे पता है कि गेंदबाजी में एक्यूरेसी रखनी है या टर्न पर फोकस करना है. अपनी इसी खूबियों के चलते सौम्य दक्षिण अफ्रीका की उन पिचों पर भी खूब विकेट ले रहा है, जहां स्पिनरों के लिए कोई मदद नहीं है.’

आईसीसी ने की जडेजा से तुलना
आईसीसी ने हाल ही में ट्विटर पर एक वीडियो पोस्ट कर सौम्य पांडे और रवींद्र जडेजा की तुलना की है. एरिल ऐसी तुलना को सही नहीं मानते. वे कहते हैं कि सौम्य ने अपना क्रिकेट करियर शुरू किया है. अभी तो उन्होंने पहचान बनानी शुरू की है. ऐसे में दिग्गज ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा से तुलना ठीक नहीं है. लेकिन दोनों का एक्शन तो बिलकुल एक जैसा है… इस सवाल पर एरिल कहते हैं, ‘मैं तो यही कहूंगा कि चाहे तुलना एक्शन की हो या आंकड़ों की, अभी बहुत जल्दबाजी है. सौम्य को अभी बहुत आगे जाना है. इसलिए ऐसी कोई तुलना भी बाद की चीज है.’
फाइनल में निर्णायक होंगे सौम्य
छह मैच में 17 विकेट… यानी औसतन हर मैच में 3 विकेट. ऐसे में फाइनल में सौम्य से कितनी उम्मीद है. इस सवाल के जवाब में एरिल एंथनी कहते हैं, ‘हमने भारत-दक्षिण अफ्रीका सेमीफाइनल मुकाबले में देखा कि पिच से तेज गेंदबाजों को कितनी मदद थी. हमने साथ ही यह भी देखा कि सौम्य समेत भारत के सभी स्पिनरों ने कितनी अच्छी गेंदबाजी की. यह वो बात है, जो भारत के लिए निर्णायक साबित हो सकती है. फाइनल में सौम्य से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है.’
सौम्य में है लीडरशिप क्वालिटी
एरिल बातों-बातों में सौम्य की लीडरशिप क्वालिटी का जिक्र करना नहीं भूलते. कहते हैं, ‘सौम्य में टीम लीड करने की काबिलियत है. इसी कारण उसे उप कप्तान बनाया गया है. यह क्वालिटी दबाव के पलों में भी काम आती है. जब टीम दबाव में हो या खराब खेल रही हो तब सौम्य आगे बढ़कर प्रदर्शन करते और करवाते हैं.’
पढ़ने में भी अव्वल हैं सौम्य
सौम्य पांडे आज कामयाब क्रिकेटर बनने की राह पर हैं और खेल की बदौलत देश-दुनिया में नाम कमा रहे हैं. लेकिन वे उन क्रिकेटरों की तरह नहीं हैं, जो खेल में तो अव्वल हैं पर पढ़ाई में अच्छे नहीं. सौम्य तो खेल के साथ-साथ पढ़ाई में भी अव्वल हैं. 10वीं और 12वीं की परीक्षा में 90% से ज्यादा नंबर लाए हैं. और ऐसा हो भी क्यों ना. पढ़ाई ही तो वह वजह है, जिसने सौम्य को क्रिकेटर बनाया है.
कम लोग ही जानते हैं कि सौम्य जब सात-आठ साल के थे, तब पढ़ने के लिए सीधी से रीवा पहुंच गए थे. शिक्षक माता-पिता ने सौम्य को बहन के पास भेज दिया था, जो रीवा में रहकर पढ़ रही थीं. जब सौम्य बार-बार बीमार होने लगे तो माता-पिता उन्हें डॉक्टर के पास ले गए. डॉक्टर ने बच्चे को खेलने की सिफारिश की, ताकि वह ज्यादा से ज्यादा समय एक्टिव रहे. सौम्य अपनी बहन के साथ जहां रहते थे, वह जगह यूनिवर्सिटी स्टेडियम के करीब थी. इसलिए पिता सौम्य को लेकर सीधे यूनिवर्सिटी स्टेडियम पहुंच गए और क्रिकेट एकेडमी में एडमीशन करा दिया. बाकी का किस्सा अब सबको पता है.
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Tags: India under 19, Mp news, Under 19 World Cup
FIRST PUBLISHED : February 8, 2024, 19:19 IST
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