[ad_1]

इनसैट-3डीएस
– फोटो : ISRO
विस्तार
इसरो ने श्रीहरिकोटा लॉन्चिंग क्षेत्र पर ‘इनसैट-3डीएस’ को तैनात कर दिया है। 17 फरवरी को शाम 5:30 बजे इस उपग्रह को प्रक्षेपित किया जाएगा। गौरतलब है कि इस उद्देश्य मौसम विज्ञान और आपदा चेतवानी की जानकारी उपलब्ध कराना है। यह पूरी तरह से पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय द्वारा वित्त पोषित है। दूसरी ओर, भारत के अंतरिक्ष नियामक इन-स्पेस ने गुरुवार को कहा कि अगले 14 महीनों में करीब 30 उपग्रहों के प्रक्षेपण की तैयारी चल रही है। इसमें सात मिशन गगनयान से जुड़े होंगे।
🚀GSLV-F14/🛰️INSAT-3DS Mission:
The mission is set for lift-off on February 17, 2024, at 17:30 Hrs. IST from SDSC-SHAR, Sriharikota.
In its 16th flight, the GSLV aims to deploy INSAT-3DS, a meteorological and disaster warning satellite.
The mission is fully funded by the… pic.twitter.com/s4I6Z8S2Vw
— ISRO (@isro) February 8, 2024
इसरो के नए रॉकेट एसएसएलवी (स्मॉल सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल) के अलावा वारहार्स पीएसएलवी को भी लॉन्च किया जाएगा, जिसे एक उद्योग संघ ने विकसित किया है। अंतरिक्ष नियामक ने 2023 की अंतिम तिमाही से लेकर अगले वित्त वर्ष तक प्रस्तावित योजना के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि सात स्पेस लॉन्च निजी स्टार्टअप स्काईरूट और अग्निकुल की तरफ से किए जाएंगे।
[ad_2]
Source link