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haldwani violence
– फोटो : अमर उजाला
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कई बार मुश्किल हालात में काम किया है, कार्य के दौरान विरोध, आक्रोश का सामना भी किया है, पर आठ फरवरी को बनभूलपुरा के मलिक के बगीचा से लेकर थाने तक जो हुआ है, वह कभी नहीं भुलाया जा सकता। बनभूलपुरा थाने में हर तरफ आग, धुआं और हमलावर भीड़ का शोर था, तो वहीं मलिक के बगीचा और आसपास के इलाके में पुलिसकर्मी पर पत्थर बरसाते उपद्रवी थे। इन विषम परिस्थितियों में भी पुलिस और प्रशासन ने हालात पर काबू पा लिया। जिस समय थाने पर भीड़ ने हमला बोला, वहां कुमाऊं मंडल विकास निगम के जीएम एपी वाजपेयी, अपर पुलिस अधीक्षक अभिसूचना डॉ. हरीशलाल, एसडीएम प्रमोद आदि भी थाने में थे। इन सभी की जान संकट में फंस गई थी। पढ़िये मौके पर मौजूद रहे अफसरों की आपबीती…
कुमाऊं मंडल विकास निगम के जीएम एपी वाजपेयी का कहना है कि हल्द्वानी में यह मंजर देखना पड़ेगा, कभी सोचा नहीं था। हर तरफ आग, धुआं और अंधेरा था। आग जब ग्राउंड फ्लोर की तरफ फैल गई, तो हम दूसरी मंजिल पर पहुंच गए। इसी बीच थाने के पीछे की तरफ से दीवार को तोड़कर भी उपद्रवी घुसने की कोशिश करने लगे। सभी की जान संकट में थी, इन स्थितियों के बीच सभी को हौंसला बनाए रखना था। इसके अलावा मौजूद कर्मियों को हिम्मत भी बंधानी थी। पर करीब डेढ़ घंटे तक यह स्थिति रही। इसी बीच उच्चाधिकारियों को स्थिति से अवगत भी कराते रहे। थाने के आगे जो आग लगी थी, उसके कारण भी वे अंदर नहीं आ सके। इसी बीच पहुंची पुलिस, प्रशासन की टीम ने मोर्चा संभाला और उपद्रवियों को खदेड़कर हालात पर काबू पाया।
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