[ad_1]

जामा मस्जिद इलाके का एक पोलिंग बूथ (फाइल फोटो) फोटो : wikimedia commons
– फोटो : wikimedia commons
विस्तार
देश के पहले आम चुनाव में मतदाताओं की गणना करना और उनका नामांकन करना एक बहुत मुश्किल कार्य था। यह भगीरथी कार्य था जिसे पहले चुनाव आयोग ने बखूबी किया था। महिला मतदाताओं ने नाम दर्ज करने की परेशानियां और नाम दर्ज करने में सामाजिक तकलीफें, महिलाओं का नाम ठीक तरह से नहीं लिखवाने जैसी कई तकलीफें थी, जिसे आयोग ने बखूबी किया था।
1951-52 के लोकसभा और राज्य विधानसभा के चुनावों के लिए चुनावी सामग्री का प्रकाशन चुनौती पूर्ण कार्य था। जनप्रतिनिधित्व कानून का प्रकाशन हुआ और उसके तहत चुनावी सामग्री का प्रकाशन कर जनता को सूचित करना महत्वपूर्ण कार्य था।
चुनाव आयोग ने राज्य सरकारों को निर्देश दिए कि वे चुनाव प्रक्रिया से जुडी सामग्री आमजन को बताने की प्रक्रिया नवंबर 1950 के प्रथम सप्ताह में कर इससे जुड़े दावे आपत्ति मंगाकर आमजन की समस्या को जानें।
[ad_2]
Source link