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06:27 AM, 13-Feb-2024
केंद्रीय मंत्रियों के साथ किसानों की बैठक के बाद किसान मजदूर मोर्चा (केएमएम) के संयोजक सरवन सिंह पंढेर ने कहा, ‘सरकार के पास कोई प्रस्ताव नहीं है, वे बस समय निकालना चाहते हैं। हम लोगों ने पूरी कोशिश की है कि हम मंत्रियों से लंबी बातचीत करें और कोई निर्णय निकले लेकिन ऐसा कुछ हुआ नहीं।’
#WATCH | Chandigarh: On the meeting between Central Ministers and farmer leaders, Kisan Mazdoor Morcha (KMM) Coordinator KMM Sarwan Singh Pandher says, “We will go Delhi tomorrow at 10 am. The government did not have any proposal… The agitation has been there… We tried that… pic.twitter.com/asZRvAApFJ
— ANI (@ANI) February 12, 2024
06:23 AM, 13-Feb-2024
केंद्रीय मंत्रियों और किसान नेताओं के बीच बैठक पर किसान नेता जगजीत सिंह दल्लेवाल ने कहा, ‘काफी देर तक बैठक चली, हर मांग पर चर्चा हुई लेकिन ये मांगें नहीं थीं, यह अलग-अलग समय पर सरकार द्वारा की गई प्रतिबद्धताएं थीं।’
#WATCH | Chandigarh: On the meeting between Central Ministers and farmer leaders, farmer leader Jagjit Singh Dallewal says, “The meeting went on for long. There were discussions on every demand. But these were not demands, these were the commitments made by the government at… pic.twitter.com/PWsNYQcoRa
— ANI (@ANI) February 12, 2024
06:19 AM, 13-Feb-2024
‘आगे बातचीत के जरिए हम समाधान निकाल लेंगे’
#WATCH | Chandigarh: On the meeting between Central Ministers and farmer leaders, Union Minister Arjun Munda says, “… There was a serious discussion with the farmers on every topic. The government wants to bring every solution through talks… We reached an agreement on some… pic.twitter.com/rLadmv9Xm7
— ANI (@ANI) February 12, 2024
06:17 AM, 13-Feb-2024
गाजीपुर बॉर्डर पर बैरिकेडिंग
किसान संगठनों द्वारा बुलाए गए ‘दिल्ली चलो’ विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर गाजीपुर बॉर्डर पर बैरिकेडिंग की गई है।
#WATCH किसान संगठनों द्वारा बुलाए गए ‘दिल्ली चलो’ विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर गाज़ीपुर बॉर्डर पर बैरिकेडिंग की गई है। pic.twitter.com/fHjgIEz83I
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 12, 2024
06:16 AM, 13-Feb-2024
सिंघू बॉर्डर पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
किसान संगठनों द्वारा बुलाए गए ‘दिल्ली चलो’ विरोध मार्च के मद्देनजर सिंघू बॉर्डर पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
#WATCH किसान संगठनों द्वारा बुलाए गए ‘दिल्ली चलो’ विरोध मार्च के मद्देनजर सिंघू बॉर्डर पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। pic.twitter.com/rUd54gcFuQ
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 12, 2024
06:09 AM, 13-Feb-2024
दिल्ली की सीमाओं पर सुरक्षा बढ़ाई
किसानों द्वारा आज राष्ट्रीय राजधानी की ओर घोषित मार्च के मद्देनजर दिल्ली की सीमाओं पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
#WATCH | Delhi: Security heightened at Delhi borders in view of the march declared by farmers towards the National Capital today
(Visuals from Singhu Border) pic.twitter.com/xAHhY86QWA
— ANI (@ANI) February 12, 2024
06:03 AM, 13-Feb-2024
हरियाणा सील…सीमा पर कंटीले तार, हाईवे पर कीलें
हरियाणा की सीमाओं को सील कर दिया गया है। 17 जिलों में धारा 144 जारी है। कई जिलों में इंटरनेट बंद है। सीमा पर जगह-जगह सीमेंट के ब्लॉक्स, कंटीली तारें, कीलें लगाकर हाईवे खोद दिया गया है। केंद्र सरकार ने बीएसएफ व सीआरपीएफ की 64 कंपनियां लगाई हैं। सिरसा के चौधरी दलबीरसिंह स्टेडियम और गुरु गोबिंदसिंह स्टेडियम डबवाली में दो अस्थायी जेल बनाई गई हैं। शंभू सीमा को अंबाला की तरफ एक किमी तक सील किया गया है।
06:02 AM, 13-Feb-2024
सीमाओं की किलेबंदी की गई
पहले से ही हरियाणा की सीमा पर हजारों ट्रैक्टर-ट्रॉली के साथ जमा किसानों ने दिल्ली मार्च की तैयारी कर ली है। हरियाणा ने पंजाब से लगने वाली सीमाएं सील कर दी हैं। दिल्ली में भी सिंघु व टीकरी समेत सभी सीमाओं की किलेबंदी की गई है। चंडीगढ़ के महात्मा गांधी राज्य लोक प्रशासन संस्थान में केंद्रीय मंत्रियों व किसान नेताओं की बैठक सोमवार शाम 6:30 बजे शुरू हुई और मध्य रात्रि तक चली। इसमें केंद्र की तरफ से वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल व कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा व किसानों की तरफ से संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) के नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल और किसान मजदूर संघर्ष समिति के महासचिव सरवन सिंह पंढेर शामिल हुए। बैठक के बाद पंढेर ने कहा कि किसान मंगलवार सुबह दस बजे दिल्ली मार्च पर आगे बढ़ेंगे।
05:53 AM, 13-Feb-2024
Farmers Protest Live: MSP गारंटी पर अटकी बात, आज दिल्ली कूच करेंगे किसान; राजधानी में अभेद्य सुरक्षा के इंतजाम
किसानों का दिल्ली कूच रोकने के लिए केंद्र सरकार और किसान नेताओं के बीच सोमवार देर रात तक चली मैराथन बैठक में फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की गारंटी पर बात अटक गई। हालांकि, 2020-21 में हुए आंदोलन के दौरान किसानों पर दर्ज केस वापस लेने, मारे गए किसानों के परिजनों को मुआवजा देने और बिजली अधिनियम-2020 को रद्द करने पर तो सहमति बन गई, पर किसान एमएसपी का मुद्दा छोड़ने को तैयार नहीं हैं। इस पर कोई ठोस नतीजा न निकलने से किसानों ने मंगलवार को प्रस्तावित दिल्ली कूच की घोषणा कर दी।
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