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#WATCH | Sandeshkhali violence | National Commission for Scheduled Castes, Arun Haldar says, “I have received the report about Sandeshkhali. A lot of people wanted to say a lot of things but they were not given a chance. Members of the commission & I have come here to listen to… pic.twitter.com/3HppKRP2m9
— ANI (@ANI) February 15, 2024
आयोग की सदस्य ने सीएम ममता पर साधा निशाना
संदेशखाली हिंसा को लेकर राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग की सदस्य अंजू बाला ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे शर्मनाक बताया है। मीडिया से बात करते हुए अंजू बाला ने कहा, ‘यह बहुत ही शर्मनाक है कि आज के समय में भी महिलाओं के साथ ये सब हो रहा है। राज्य की मुख्यमंत्री भी एक महिला है। नाम ममता रखती है, लेकिन दिल में ममता नाम की चीज नहीं है।’
अंजू बाला ने सीएम ममता बनर्जी पर जमकर निशाना साधा है। ममता पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा, ‘मुख्यमंत्री कुछ भी खुलासा करना नहीं चाहतीं। वह पीड़ित महिलाओं पर अत्याचार की एफआईआर भी दर्ज कराना नहीं चाहतीं है। देश उन्हें माफ नहीं करेगा। उन्होंने संदेशखाली में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की है।’
#WATCH | Sandeshkhali violence | “It is a shameful incident that in today’s time as well something like this can happen to women…The state’s CM is a woman. ‘Naam Mamata rakhti hai lekin dil mein mamata naam ki chiz nahi hai’…,” says Anju Bala, member of National Commission… pic.twitter.com/wErOFFTZQi
— ANI (@ANI) February 15, 2024
क्या है पूरा मामला
संदेशखाली में स्थानीय महिलाएं लगातार प्रदर्शन कर रहीं है। उन्होंने टीएमसी नेता शेख शाहजहां और उनके सहयोगियों पर जबरन उनके जमीनों पर कब्जा करने और उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है। महिलाओं ने शेख शाहजहां की गिरफ्तारी की भी मांग की है।
बता दें कि पिछले महीने टीएमसी नेता शेख शाहजहां के आवास पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छापेमारी की थी। इस छापेमारी के दौरान शाहजहां के समर्थकों ने ईडी के अधिकारियों पर हमला कर दिया था, जिसमें तीन अधिकारी घायल हो गए थे। इस हादसे के बाद से ही शाहजहां फरार है। क्षेत्र में हिंसा को देखते हुए सात ग्राम पंचायतों और उसके आसपास 500 मीटर क्षेत्र में 19 फरवरी तक सीआरपीसी की धारा 144 लागू कर दी गई है।
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