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10:42 AM, 14-Feb-2024
विदेश सचिव विनय मोहन क्वात्रा ने कहा, ‘ अहलान मोदी कार्यक्रम कल शाम जायद स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयोजित किया गया। इस दौरान पीएम मोदी ने भारतीय समुदाय को संबोधित किया। इस कार्यक्रम में 40,000 से अधिक लोगों ने भाग लिया और अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने द्विपक्षीय संबंधों के प्रति प्रतिबद्धता, भारतीय समुदाय को उनके समर्थन और बीएपीएस मंदिर के निर्माण के लिए भूमि देने के लिए यूएई के राष्ट्रपति को धन्यवाद दिया।’
09:47 AM, 14-Feb-2024
राजस्थान के गुलाबी बलुआ पत्थरों से निर्मित अबूधाबी के पहले हिंदू मंदिर का प्राण प्रतिष्ठा समारोह शुरू हो गया है।
#WATCH | UAE | Consecration ceremony of BAPS Hindu Mandir, Abu Dhabi being done ahead of its inauguration by Prime Minister Narendra Modi, later today.
(Video: BAPS Swaminarayan Sanstha) pic.twitter.com/qHYUc8ZNhF
— ANI (@ANI) February 14, 2024
09:46 AM, 14-Feb-2024
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री दो दिवसीय दौरे पर यूएई आए हैं। इसके अलावा आज वसंत पंचमी का त्योहार मनाया जा रहा है। यह त्योहार माघ महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। वहीं, कांग्रेस ससंदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी राजस्थान से राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल करेंगी। कांग्रेस सासंद राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव के साथ सोनिया आज जयपुर आएंगी।
09:43 AM, 14-Feb-2024
PM Modi UAE Live: अबू धाबी में हिंदू मंदिर का प्राण प्रतिष्ठा समारोह शुरू, PM मोदी करेंगे उद्घाटन
राजस्थान के गुलाबी बलुआ पत्थरों से निर्मित अबूधाबी के पहले हिंदू मंदिर का भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज उद्घाटन करेंगे। यह मंदिर अपनी भव्यता से दुनियाभर के लोगों को आकर्षित कर रहा है। 27 एकड़ में बना 108 फुट ऊंचा यह मंदिर वास्तुशिल्प का चमत्कार माना जा रहा है। मंदिर प्रबंधन के मुताबिक मंदिर के दोनों किनारों पर गंगा और यमुना नदी का पवित्र जल बहता है, जो विशाल कंटेनरों में भारत से लाया गया था। मंदिर यूएई की राजधानी अबू धाबी में ‘अल वाकबा’ नाम की जगह पर बनाया गया है। यह धर्म स्थल 20,000 वर्ग मीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है। हाइवे से सटी अल वाकबा नामक जगह अबू धाबी से तकरीबन 30 मिनट की दूरी पर है। यूएई का पहला हिंदू मंदिर भले ही 2023 में बनकर तैयार हुआ, लेकिन इसकी कल्पना करीब ढाई दशक पहले 1997 में बीएपीएस संस्था के तत्कालीन प्रमुख स्वामी महाराज ने की थी।
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