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पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान (फाइल)
– फोटो : ANI
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पाकिस्तान में चुनाव नतीजों की घोषणा के बाद से सत्ता के लिए खींचतान जारी है। इस बीच पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने गुरुवार को वॉशिंगटन से मदद मांगी। साथ ही खान ने चुनाव में हुई धांधली पर चिंता जाहिर की। खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने आरोप लगाया कि निष्पक्ष मतगणना नहीं हुई है। परिणामों में धांधली की गई है। बता दें, खान ने अपनी सत्ता खोने से पहले एक रैली में अमेरिका पर आरोप लगया था कि अमेरिका उनकी सरकार को गिराना चाहती है। हालांकि, वॉशिंगटन ने उस वक्त आरोपों को खारिज कर दिया था।
अमेरिका को भूमिका निभाना चाहिए
इमरान खान का आरोप है कि उनके उम्मीदवारों को जानबूझकर हराया गया है। उनका जनादेश चोरी किया गया है। पीटीआई नेता असद कैसर ने कहा कि खान का संदेश है कि अमेरिका को चुनावों में कथित धांधली के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए। उनका कहना है कि अमेरिका ने अपनी भूमिका ढंग से नहीं निभाई है। अमेरिका को अगर लगता है कि वह एक बड़े लोकतांत्रिक देश हैं और पाकिस्तान में धांधली हो रही है। पाकिस्तान में निष्पक्ष चुनाव नहीं कराए गए तो उन्हें इसके खिलाफ आवाज उठानी चाहिए। पीटीआई के वकील सैफ ने कहा कि अमेरिका को इन चुनावों पर सख्त रूख अपनाना चाहिए। सैफ ने कहा कि पीटीआई को घेर लिया गया है। अमेरिका को आवाज उठानी चाहिए।
अयूब खान के पोते को पीटीआई ने बनाया पार्टी का पीएम उम्मीदवार
पीटीआई ने गुरुवार को पीटीआई नेता उमर अयूब खान को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया है। 54 वर्षीय उमर अयूब पीटीआई के महासचिव हैं और पूर्व सैन्य तानाशाह अयूब खान के पोते हैं। वह खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के हरिपुर से पाकिस्तान मुस्लिम लीग-एन (पीएमएल-एन) के उम्मीदवार के रूप में 2013 का चुनाव हारने के बाद 2018 के आम चुनाव से पहले पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) में शामिल हो गए थे।
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