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राष्ट्रपति जो बाइडन अपने बेटे हंटर बाइडन के साथ।
– फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन और उनके बेटे हंटर बाइडन लंबे समय से यूक्रेन की कंपनी के साथ काम करने को लेकर सवालों के घेरे में बने हुए हैं। अब इस मामले में एक नया खुलासा हुआ है। एफबीआई के एक मुखबिर पर बाइडन और उनके बेटे पर झूठा आरोप लगाकर रिश्वतखोरी की योजना बनाने का आरोप लगा है।
संसद में रिपब्लिकन महाभियोग जांच का केंद्र रहे मामले में, एफबीआई के एक मुखबिर पर राष्ट्रपति जो बाइडन, उनके बेटे हंटर और एक यूक्रेनी ऊर्जा कंपनी के बीच संबंधों के बारे में अपने हैंडलर से झूठ बोलने का आरोप लगा है।
इस मुखबिर पर लगा आरोप
अभियोजकों ने गुरुवार को कहा कि अलेक्जेंडर स्मर्नोव ने जून 2020 में एफबीआई एजेंटों को गलत जानकारी दी थी कि यूक्रेनी ऊर्जा कंपनी बरिस्मा से जुड़े अधिकारियों ने हंटर और जो बाइडन को 2015 और 2016 में दोनों को पांच-पांच मिलियन डॉलर दिए। इतना ही नहीं स्मर्नोव ने एफबीआई को बताया था कि बरिस्मा के एक कार्यकारी अधिकारी का यह दावा था कि उन्हे हंटर अपने पिता के जरिए सभी समस्याओं से बचाए रखेंगे।
एफबीआई से मांगे थे दस्तावेज
यह दावा सामने आने पर सियासी भूचाल आ गया था। संसद में यह एक अहम मुद्दा बन गया। बाद में, रिपब्लिकन ने बाइडन परिवार के खिलाफ जांच को आगे बढ़ाने के लिए एफबीआई से आरोपों को सिद्ध करने करने वाले दस्तावेज मांगे। हालांकि उसने उस समय स्वीकार किया कि आरोप सही थे या नहीं यह स्पष्ट नहीं था।
अब एफबीआई के एक मुखबिर पर बड़ा आरोप लगा है। इससे संसद में रिपब्लिकन द्वारा बाइडन परिवार पर लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों गलत सिद्ध होते नजर आ रहे हैं। रिपब्लिकन ने आरोप लगाया था कि अमेरिकी राष्ट्रपति यूक्रेन में अपने बेटे हंटर के व्यापारिक सौदों से पैसा कमा रहे थे।
यह है आरोप
43 साल के स्मर्नोव पर गलत बयान देने और झूठा व काल्पनिक दस्तावेज तैयार करने का आरोप लगाया गया है। आरोप न्याय विभाग के विशेष वकील डेविड वीस द्वारा दायर किए गए थे, जिन्होंने हंटर पर आग्नेयास्त्र और कर उल्लंघन के लिए अलग से आरोप लगाया है। हालांकि अभी हंटर ने इस पर कोई बयान नहीं दिया है।
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