Home Sports Badminton Asia Championship: बैडमिंटन में भारत का जलवा, पहली बार महिला टीम की एशिया चैंपियनशिप फाइनल में एंट्री

Badminton Asia Championship: बैडमिंटन में भारत का जलवा, पहली बार महिला टीम की एशिया चैंपियनशिप फाइनल में एंट्री

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Badminton Asia Championship: बैडमिंटन में भारत का जलवा, पहली बार महिला टीम की एशिया चैंपियनशिप फाइनल में एंट्री

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Badminton Asia Team Championship 2024: भारतीय महिला बाद बैडमिंटन टीम ने रोमांचक सेमीफाइनल में दो बार की पूर्व चैम्पियन जापान को 3-2 से हराकर पहली बार बैडमिंटन एशिया टीम चैम्पियनशिप के फाइनल में जगह बनाई है. इससे देश की पहला गोल्ड मेडल जीतने की उम्मीदें जगी हैं तृषा जॉली और गायत्री गोपीचंद की दुनिया की 23वें नंबर की जोड़ी ने पहला डबल्स जीता. इसके बाद दुनिया की 53वें नंबर की खिलाड़ी अस्मिता चालिहा ने दूसरा सिंगल्स अपने नाम किया, जबकि 17 वर्षीय अनमोल खरब ने निर्णायक सिंगल जीतकर भारत को खिताबी भिड़ंत तक पहुंचाया. भारतीय महिला टीम अब रविवार को फाइनल में थाईलैंड से चैंपियनशिप मैच में सामना करेगी. 

जापान ने दी कड़ी चुनौती

भारत ने 2016 और 2020 में पुरुष टीम कॉम्पिटिशन में दो ब्रॉन्ज मेडल जीते थे. हालांकि, जापान की टीम अकाने यामागुची (दुनिया की चौथे नंबर की खिलाड़ी), युकी फुकुशिमा और सयाका हिरोटा (दुनिया की सातवें नंबर की जोड़ी) तथा मायु मातसुमोटो और वाकाना नागाहारा (दुनिया की आठवें नंबर की जोड़ी) के बिना खेल रही थी. इसके बावजूद जापान मजबूत टीम थी और उसने भारत के सामने कड़ी चुनौती पेश की. 

पीवी सिंधु हारीं 

चोट के कारण लंबे समय बाद वापसी कर रही पीवी सिंधु पहले सिंगल मैच में हार गईं. इसके बाद तृषा जॉली और गायत्री गोपीचंद की जोड़ी ने शानदार प्रदर्शन किया और नामी मातसुयामा और चिहारू शिडा की दुनिया की छठे नंबर की जोड़ी पर 73 मिनट में 21-17, 16-21, 22-20 की जीत से भारत को 1-1 की बराबरी पर ला दिया. अस्मिता ने फिर पूर्व वर्ल्ड चैम्पियन नोजोमी ओकुहारा (20वीं रैंकिंग) के खिलाफ आक्रामक खेल दिखाया. इस भारतीय ने अपने क्रास शॉट और स्मैश का बखूबी इस्तेमाल कर 21-17, 21-14 से उलटफेर भरी जीत से भारत को 2-1 से आगे कर दिया. 

चोटिल तनीषा की जगह खेलीं सिंधु

तनीषा क्रास्टो को चोट लगी है, जिससे सिंधु ने अश्विनी पोनप्पा के साथ जोड़ी बनायी, लेकिन वे रेना मियायूरा और अयाको साकुरामोटो की दुनिया की 11वें नंबर की जोड़ी के खिलाफ जीत दर्ज नहीं कर सकीं और 43 मिनट में 14-21 11-21 से हार गयीं. अब दोनों टीमें 2-2 की बराबरी पर थीं. अनमोल को दुनिया की 29वें की खिलाड़ी नातसुकी निडायरा को हराने की जिम्मेदारी सौंपी गयी और इस भारतीय ने भी उम्मीदों पर खरा उतरते हुए 52 मिनट में 21-14, 21-18 से जीत दर्ज कर भारत को पहली बार फाइनल में पहुंचाया. 

पूर्व कोच ने की तारीफ 

पूर्व भारतीय कोच विमल कुमार मलेशिया में टीम के साथ हैं. उन्होंने पीटीआई से कहा, ‘हमारी लड़कियां कमाल कर रही हैं, आज उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया.’ उन्होंने आगे कहा, ‘मैं इसमें काफी श्रेय गायत्री और तृषा को और अस्मिता को भी दूंगा जिन्होंने अपने मुकाबले जीते. अस्मिता ने ओकुहारा को पराजित किया जो अद्भुत प्रदर्शन है. उसने अपना खेल एक अलग स्तर पर पहुंचा दिया.’ उन्होंने अनमोल को लेकर कहा, ‘युवा खिलाड़ी अनमोल ने भी दिखाया कि हम आगे उस पर निर्भर हो सकते हैं. जब आप टीम चैम्पियनशिप में अच्छा करते हो तो इससे दिखता है कि आप दबाव से निपट सकते हो. मैं उससे काफी प्रभावित हूं. यह भारतीय बैडमिंटन के लिए विशेष पल है.’



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