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रविचंद्रन अश्विन और जसप्रीत बुमराह
– फोटो : BCCI
विस्तार
भारत के स्टार स्पिनर रविचंद्रन अश्विन तीसरे टेस्ट से अचानक से बाहर हो गए। बीसीसीआई ने बताया कि फैमिली मेडिकल इमरजेंसी की वजह से अश्विन को राजकोट से अपने घर चेन्नई लौटना पड़ा है। इसके बाद बोर्ड उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने असली वजह की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि अश्विन की मां की तबीयत खराब है और बीसीसीआई ने जल्द स्वस्थ होने की कामना करता है। ऐसे में अब टीम इंडिया के पास तीसरे टेस्ट में सिर्फ 10 खिलाड़ी बचे हैं। वहीं, एक गेंदबाज की कमी से अब सारी जिम्मेदारी जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, रवींद्र जडेजा और कुलदीप यादव के कंधों पर आ गई है। अब सवाल यह उठता है कि भारत को इस टेस्ट के बाकी बचे हिस्से में सिर्फ 10 खिलाड़ियों से खेलना होगा या टीम मैनेजमेंट अश्विन के रिप्लेसमेंट के तौर पर किसी खिलाड़ी को प्लेइंग-11 में शामिल कर सकता है? आइए जानते हैं…
सब्स्टिट्यूट फील्डर की अनुमति मिल सकती है
नियम के मुताबिक, अगर अश्विन नहीं लौटते हैं तो भारत को आगे बाकी बचे मैच में सिर्फ 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ेगा। अश्विन की अनुपस्थिति में अब टीम इंडिया के पास 10 आउटफील्ड खिलाड़ी हैं। इनमें से चार स्पेशलिस्ट गेंदबाज हैं। खेल के नियमों के संरक्षक मेरिलबोन क्रिकेट क्लब (एमसीसी) के अनुसार अगर अंपायर संतुष्ट हैं कि कोई खिलाड़ी प्रतियोगिता के दौरान चोटिल हो गया है या बीमार हो गया है तो अंपायर सब्स्टिट्यूट फील्डर को मैदान पर जाने की अनुमति दे सकते हैं।
ये हैं आईसीसी के नियम
एमसीसी नियम संख्या 24.1.1.2 के अनुसार एक टीम ‘पूर्णत: स्वीकार्य कारण’ के लिए एक सब्स्टिट्यूट फील्डर भी रख सकती है। नियम 24.1.2 के मुताबिक, कोई सब्स्टिट्यूट फील्डर गेंदबाजी नहीं करेगा या कप्तान के रूप में कार्य नहीं करेगा, बल्कि केवल अंपायरों की सहमति से विकेटकीपर के रूप में काम कर सकता है। अश्विन न तो बीमार हैं और न ही चोटिल हैं, भारत को इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स की सहमति के बाद ही राजकोट में सब्स्टिट्यूट फील्डर रखने की अनुमति दी जाएगी। फिलहाल देवदत्त पडिक्कल फील्डिंग करते दिखाई पड़ रहे हैं। पडिक्कल को केएल राहुल के चोटिल होने पर टीम में शामिल किया गया था।
सब्स्टिट्यूट फील्डर का क्या काम होगा?
सब्स्टिट्यूट फील्डर को बाकी बचे मैच के लिए बल्लेबाजी या गेंदबाजी करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। केवल कनकशन सब्स्टीट्यूट को ही बल्लेबाजी या गेंदबाजी करने की अनुमति है। ऐसे में टीम इंडिया को एक गेंदबाज की कमी खल सकती है। साथ ही लोअर ऑर्डर में एक अच्छे बैटर की कमी भी खल सकती है। अश्विन पूर्व भारतीय कप्तान कुंबले को पीछे छोड़ते हुए 500 टेस्ट विकेट लेने वाले सबसे तेज भारतीय गेंदबाज बन गए। कुल मिलाकर वह श्रीलंका के मुथैया मुरलीधरन के बाद दूसरे सबसे तेज हैं।
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