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Yashasvi Jaiswal Batting: याद कीजिए जब पिछला मैच इंग्लैंड टीम हारी तो ब्रैंडन मैकुलम ने कहा कि वो टीम इंडिया को मजा चखा देंगे और जरा सा भी मुरव्वत नहीं करेंगे. यह शायद मैकुलम का शाब्दिक पैंतरा था जो उन्होंने अपनाया, लेकिन मैदान पर उनका दांव फिर उल्टा पड़ गया है. राजकोट टेस्ट में भारत की दूसरी पारी के 85वें ओवर में दुनिया के महानतम गेंदबाजों की सूची में अपना नाम लिखवा चुके जेम्स एंडरसन को लगातार तीन छक्के जड़कर यशस्वी जायसवाल ने अपनी आमद को और पुख्ता कर दिया, साथ ही इंग्लैंड के बैजबॉल वाली घुट्टी को वापस उन्हीं को पिलाने का सिलसिला जारी रखा. इस पूरी सीरीज में यशस्वी जायसवाल अंग्रेजों के ऊपर ऐसे कहर बरपा रहे हैं जिसका अंदाजा उन्हें नहीं रहा होगा.
कुछ समय पहले जब जायसवाल ने डेब्यू किया था तो कप्तान रोहित ने किसी प्रेजेंटेशन में कहा था कि टीम इंडिया को ऐसे ही बाएं हाथ के टेस्ट ओपनर की जरूरत है. वह बयान उस समय तो चर्चा में नहीं आया, ना ही अब आया लेकिन उस बयान की अहमियत कितनी थी, जायसवाल की बैटिंग देखकर पता लग रहा है. अब एक बार इस सीरीज में जायसवाल के छोटे-छोटे आंकड़े देखिए.. हैदराबाद टेस्ट की पहली पारी में जायसवाल ने 74 गेंदों पर 80 रन ठोक डाले थे. फिर दूसरी पारी में जल्दी में निपट गए. वाइजैग टेस्ट की पहली पारी में दोहरा शतक ठोक दिया, उसमें सात छक्के उड़ाए, फिर दूसरी पारी लंबी नहीं रही. अब राजकोट में फिर दोहरा शतक ठोक फिया, इसमें छक्कों की बरसात ऐसी की है मानों वे टेस्ट नहीं टी-20 खेल रहे हैं.
इस पारी में तो उन्होंने ताबड़तोड़ कई रिकॉर्ड भी बना डाले. उनकी बैटिंग के दौरान तो कमेंट्री टीम भी उतनी ही एक्साइट नजर आती है जितने एक्साइटेड भारत के क्रिकेट प्रेमी होते हैं. हैदराबाद टेस्ट में तो कमेंट्री बॉक्स में बैठे इयॉन मॉर्गन, दिनेश कार्तिक और हर्षा भोगले कह बैठे कि टेस्ट से टी-20 में स्विच करना मुश्किल है या टी-20 से टेस्ट में. इसका जवाब जायसवाल दे सकते हैं. यशस्वी जायसवाल ने 12 जुलाई 2023 को टेस्ट में डेब्यू किया था, इसके बाद बहुत ही कम समय में उन्होंने दुनियाभर के क्रिकेट पंडितों का ध्यान अपनी तरफ खींच लिया है. कई लोग मान चुके हैं कि उनकी बैटिंग बैजबॉल से ज्यादा खतरनाक है. कुछ तो यह भी कह रहे हैं कि असल में यही बैजबॉल का असली जवाब है.
द्रविड़ की नजरों में लंबे समय से थे जायसवाल
जायसवाल आक्रामक तरीके से सधी हुई बल्लेबाजी करने में माहिर हैं. 2019 में विजय हजारे ट्रॉफी में दोहरा शतक ठोक दिया. फिर 113, 22, 122, 203 और 60 रनों की पारियां खेलकर खबरों में छा गए. 2020 में अंडर-19 वर्ल्ड कप में धूम मचाई. द्रविड़ के निगाहों में तभी बस गए थे. आईपीएल में भी कई पारियों के जरिए तूफान खड़ा कर दिया, खुद बटलर भी फैन हो गए. 13 गेंद पर हॉफ सेंचुरी ठोक दी थी. फिर 2019 में रणजी, वहां भी तीन शतक और फिर टीम इंडिया में आ धमके और अब बैजबॉल को अपनी बैटिंग से तबाह कर रहे हैं.
उधर अंग्रेजों को मनोस्थिति बैजबॉल को लेकर यह है कि उनके समर्थक कभी खुश हो रहे हैं तो कभी गम मना रहे हैं. याद कीजिए जो रुट को जो बैजबॉल के भंवर में खोकर रहे गए. इंग्लिश टीम के दो पूर्व कप्तानों का तो यह कहना है कि जो रुट की खराब बैटिंग की एक वजह बैजबॉल भी है. इधर टीम इंडिया ने अपने तरकश के कई नए तीर बैजबॉल के निशाने पर छोड़ रखे हैं जो लगातार उसकी बखिया उधेड़ रहे हैं, क्रिकेट प्रशंसक अब सरफराज में भी वही उम्मीद ढूंढ रहे हैं. इस टेस्ट में उन्होंने भी इसकी झलक दिखा दी है.
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