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भाजपा में शामिल हुए महेंद्रजीत सिंह मालवीय
– फोटो : अमर उजाला
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कांग्रेस पार्टी के बड़े आदिवासी नेता महेंद्रजीत सिंह मालवीय ने भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया है। मालवीय ने अपने भाषण में कहा कि अपने जीवन की शुरुआत विद्यार्थी परिषद से की थी। 50 किलोमीटर पैदल चलकर विद्यार्थी परिषद को ज्वाइन करने पहुंचा था। विद्यार्थी परिषद से मिले संस्कारों की वजह से राजनीति में इतना लंबा सफर आगे तक तय किया है।
महेंद्र मालवीय ने आगे कहा कि 22 जनवरी को कांग्रेस पार्टी ने राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में न जाकर सनातन धर्म के साथ-साथ सनातन को मानने वालों का दिल तोड़ दिया। मेरा भी कांग्रेस पार्टी से विश्वास उसी दिन उठ गया, जिस दिन उन्होंने राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा में जाने से इनकार किया।
मालवीय ने आगे कहा कि जब अंग्रेजों द्वारा साल 1913 में मानगढ़ धाम पर गोलियां चलाई गई थी, तब से आज तक मानगढ़ धाम के लोग सिर्फ इंतजार कर रहे थे कि कुछ होगा। परंतु जब प्रधानमंत्री मानगढ़ धाम पहुंचे तो प्रधानमंत्री ने मानगढ़ धाम के लोगों को यह विश्वास दिलाया और उनमें एक आशा की किरण जागी कि अब मानगढ़ धाम का पूरे देश में नाम होगा और मानगढ़ धाम पर दी हुई कुर्बानियां अब व्यर्थ नहीं जाएगी।
मालवीय ने कहा कि यह सिर्फ नरेंद्र मोदी की सोच है कि वह मानगढ़ धाम पहुंचे और आदिवासियों को सम्मान दिया। मालवीय ने कहा, अब मुझे पूरा यकीन है मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा जरूर मिलेगा। मालवीय ने आगे कहा कि सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही देश में विकास की गंगा बहा रहे हैं और प्रधानमंत्री ही देश में आदिवासी और पिछड़ों का भला कर सकते हैं। इसलिए मैं कांग्रेस पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया हूं।
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