[ad_1]

AI
– फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
भारत का कृत्रिम मेधा (एआई) बाजार हर साल 25-35 फीसदी दर से बढ़ रहा है। इसके 2027 तक बढ़कर 17 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है। नैसकॉम की रिपोर्ट के अनुसार, यह वृद्धि उद्यम प्रौद्योगिकी खर्च में इजाफा, देश के बढ़ते एआई प्रतिभा आधार और एआई निवेश में बढ़ोतरी सहित कई कारकों से प्रेरित है। नैसकॉम-बीसीजी की रिपोर्ट के मुताबिक, वैश्विक स्तर पर एआई निवेश में 2019 से 24 फीसदी की वार्षिक वृद्धि देखी गई है। 2023 में 83 अरब डॉलर का निवेश हुआ, जिनमें अधिकतर डाटा एनालिटिक्स, जेनएआई में हुए। एजेंसी
93% निवेश डिजिटल सामग्री में
नैसकॉम की अध्यक्ष देबजानी घोष ने कहा, भारतीय प्रौद्योगिकी सेवाओं और भारत में निर्मित उत्पाद में से करीब 93 फीसदी निवेश डिजिटल सामग्री, डाटा एनालिटिक्स व आपूर्ति शृंखला पर केंद्रित है। भारतीय कंपनियां एआई को अपनाने के साथ नए उद्योग मानक स्थापित कर रही हैं।
देश में दूसरा सबसे बड़ा प्रतिभा आधार
रिपोर्ट के अनुसार, एआई में काम करने वाले 4.20 लाख कर्मचारियों के साथ भारत में दूसरा सबसे बड़ा स्थापित प्रतिभा आधार है। अन्य देशों की तुलना में तीन गुना अधिक एआई कुशल प्रतिभा के साथ भारत में कौशल पहुंच भी सबसे अधिक है। सात साल में एआई कुशल व्यक्तियों की संख्या में 14 गुना वृद्धि के साथ भारत शीर्ष-5 देशों में शामिल है।
[ad_2]
Source link