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भारत बनाम इंग्लैंड चौथे टेस्ट की शुरुआत शुक्रवार से होने जा रही है
– फोटो : अमर उजाला/BCCI
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भारतीय पिचों पर कुछ समय पहले तक स्पिनर सफलता की गारंटी माने जाते थे, लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ पांच टेस्ट मैचों की सीरीज में भारतीय तेज गेंदबाजों की सफलता ने इसे झुठलाने का प्रयास किया है। खासतौर पर जसप्रीत बुमराह ने अपनी रिवर्स स्विंग और यॉर्कर से इंग्लैंड के बल्लेबाजों की कमर तोड़ दी और विशाखापत्तनम टेस्ट को अपने दम पर भारत को जिताया।
इस सीरीज में 104 और 91 रन की दो महत्वपूर्ण पारियां खेलने वाले शुभमन गिल ने भी बुधवार को स्वीकार किया कि भले ही पिचें भारतीय तेज गेंदबाजों के पूरी तरह पक्ष में नहीं रही हों, लेकिन महत्वपूर्ण मौकों पर विकेट झटकने की उनकी काबलियत ने इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में बड़ा अंतर पैदा किया है। गिल ने माना कि रांची टेस्ट में बुमराह की कमी खलेगी, लेकिन अन्य भारतीय तेज गेंदबाजों के पास भी इन परिस्थितियों में गेंदबाजी करने का काफी अनुभव है, जिससे वे अपना प्रभाव छोड़ सकते हैं। उन्होंने राजकोट टेस्ट में चार विकेट लेने वाले मोहम्मद सिराज का उदाहरण दिया।
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