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जापान के याकूजा गिरोह के सरगना पर लगे परमाणु सामग्री की तस्करी के आरोप।
– फोटो : Istock/US DoJ
विस्तार
जापानी आपराधिक संगठन याकूजा के एक नेता पर अमेरिका में गंभीर आरोप तय हुए हैं। अमेरिकी अदालत में अभियोजन पक्ष ने याकूजा के नेता तकेशी इबीसावा को परमाणु सामग्री की तस्करी की साजिश रचने का आरोपी बनाया है। बताया गया है कि इबिसावा ने म्यांमार से यूरेनियम और हथियारों के स्तर का प्लूटोनियम अन्य देशों तक पहुंचाने की साजिश रची। इस मामले में बुधवार को कोर्ट के सामने आरोप तय किए गए।
अधिकारियों का कहना है कि उन्हें इस मामले में तकेशी इबिसावा के खिलाफ सबूत तब मिले, जब अमेरिका के ड्रग एन्फोर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन (डीईए) के कुछ एजेंट नशीले पदार्थों और हथियारों के तस्कर बनकर थाईलैंड में उससे (इबिसावा) और उसके कुछ साथियों से मिले। यहां जापानी याकूजा के नेता ने डीईए एजेंट्स को परमाणु सामग्री के सैंपल्स दिखाए।
अमेरिका की लैब में जांचे गए सैंपल्स
अमेरिका के न्याय मंत्रालय की तरफ से जारी प्रेस रिलीज के मुताबिक, अमेरिका ने इन सैंपल्स को अपने कब्जे में लेने के लिए थाईलैंड के अधिकारियों के साथ अभियान चलाया। बाद में इन सैंपल्स को अमेरिकी प्रवर्तन एजेंसी ने कब्जे में ले लिया। अमेरिका की परमाणु फॉरेंसिक लैब में इन सैंपल्स में यूरेनियम और हथियारों में इस्तेमाल होने लायक प्लूटोनियम की पुष्टि हुई है।
कोर्ट के दस्तावेजों के मुताबिक, इबिसावा (60) और उसका साथी सोमफोप सिंघासिरी (61) अप्रैल 2022 में भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नशीले पदार्थों और हथियारों की तस्करी से जुड़े अपराधों के लिए आरोपी बनाए जा चुके हैं। इन दोनों को ही हिरासत में लेने का आदेश भी जारी हो चुका है। गौरतलब है कि जापान का याकूजा क्राइम सिंडिकेट अमेरिका, यूरोप और एशिया के अलग-अलग देशों में भी गैंग्स के तौर पर सक्रिय है।
अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि इबिसावा यह जानता था कि उसके द्वारा मुहैया कराई गई परमाणु सामग्री किसी देश के परमाणु हथियार कार्यक्रम को विकसित करने में काम आ सकती है। इसके साथ ही वह दूसरे देशों से खतरनाक हथियार बेचने पर भी चर्चा कर रहा था। इससे इबिसावा के खतरनाक इरादों को नजरअंदाज करना मुश्किल है।
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