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नई दिल्ली: भारत के कई युवा रूसी सेना में नौकरी के लालच में रूस गए थे, जहां वे अब रूस-यूक्रेन के वॉर जोन के बीच फंस गए हैं. इस समय वे सभी वहां से निकलने के लिए बेताब हैं. जबकि इसी धोखाधड़ी मामले के बीच भारत के दो व्लॉगर्स भी संदेह के घेरे में आ गए हैं.
उन दोनों में से एक व्लॉगर ‘बाबा’ के नाम से जाना जाता है, जो रूस की सेना में नौकरी व अन्य कई नौकरियां देने का लालच देकर रूस की यात्रा करने वाले युवाओं को अपने जाल में फंसाता है. वहीं, एक अन्य व्लॉगर ‘पठान’, युवाओं को उसके जाल में फंसने से बचाते हुए खुद को खतरे में ना डालने की सलाह देता है.
दिसंबर 2023 में जिन लोगों को बाबा की तरफ से सुरक्षा कर्मियों और सहायकों की नौकरी दिलाने के वादे पर मॉस्को (Moscow) ले जाया गया था, उनमें से कुछ ने, अपने परिवारों को भेजे गए वीडियो में उन खतरों के बारे में बात की है, जिनका वे सामना कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि वे रूस-यूक्रेन सीमा पर हैं और वापस आने के लिए भारत सरकार से मदद मांग रहे हैं. वहीं, अपने एक वीडियो में, पठान ने खुद को सेना की वर्दी में कई बंदूकों से घिरा हुआ भी दिखाया है.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक युवक के मॉस्को पहुंचने के बाद एक कॉन्ट्रेक्ट पर उसके हस्ताक्षर करवाए गए थे. कॉन्ट्रेक्ट बिल्कुल असली दिखता है, जो रूसी भाषा में लिखा गया है और स्पष्ट रूप से इंगित करता है कि उनकी सेवाएं ‘प्राइवेट’ हैं.
बाबा, जो रूस सहित विभिन्न देशों में युवाओं की भर्ती के लिए विज्ञापन करता है, उसने मॉस्को की सड़कों पर बनाए गए अपने व्लॉग में स्पष्ट किया है कि रूसी सेना में नौकरी करना सुरक्षित है. उसने अपने व्लॉग में कहा, “आपको लड़ने या हथियार संभालने की आवश्यकता नहीं होगी.”
हालांकि, पठान ने इस पर विवाद करते हुए कहा कि यहां सुरक्षा एक बड़ी चिंता है. उन्होंने अपने व्लॉग ‘एफ2 पठान व्लॉग्स’ में कहा, “नौकरी का वादा करके आसानी से पैसा कमाने के लिए, कुछ रिक्रूटर्स युवाओं को रूस भेज रहे हैं और उन्हें खतरनाक स्थिति में डाल रहे हैं.”
पठान ने कहा, “रूसी मिलनसार लोग हैं. वे भारतीयों का सम्मान करते हैं और बॉलीवुड फिल्में भी पसंद करते हैं. मैं यहां सेना में रह चुका हूं, लेकिन मैं युवाओं को रूसी सेना में भर्ती न होने की सलाह दूंगा.”
रूस में फंसे एक भारतीय युवक को भी पठान के व्लॉग में यह कहते हुए दिखाया गया है कि कैसे उसने यूक्रेन सीमा के पास युद्ध क्षेत्रों में लोगों को पीड़ित होते देखा और जो लोग सेना में भर्ती हुए थे उनमें से कुछ युद्ध में अपंग हो गए थे.
हैदराबाद के सांसद और एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी है कि कम से कम 12 युवाओं को भर्ती एजेंट द्वारा रूस में बहकाया गया और उनकी सहमति के खिलाफ युद्ध के मैदान में भेजा गया है. ओवेसी ने कहा, इनमें तेलंगाना के दो (नारायणपेट जिले का एक), कलबुर्गी के दो, गुजरात के तीन, कश्मीर के दो और उत्तर प्रदेश का एक युवा शामिल था.
उन्होंने कहा कि भर्ती एजेंट में से एक, फैसल खान दुबई से काम कर रहा था और एक यूट्यूब चैनल ‘बाबा व्लॉग्स’ चलाता है. उन्होंने कहा कि दो अन्य – सुफियान और पूजा – विदेशों में नौकरियों के लिए युवाओं की भर्ती के लिए मुंबई से काम करते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि दो और एजेंट, रमेश और मोइन, रूस से काम करते हैं.
In response to media queries regarding Indians caught in conflict in Russia, MEA Spokesperson, Randhir Jaiswal says, “We are aware that a few Indian nationals have signed up for support jobs with the Russian Army. The Indian Embassy has regularly taken up this matter with the… pic.twitter.com/UoE2KoyXcd
— ANI (@ANI) February 23, 2024
इस बीच रूस में फंसे भारतीय युवाओं को लेकर विदेश मंत्रालय ने कहा कि हम इस मामले पर नजर बनाए हुए हैं. कुछ भारतीय नागरिकों ने रूसी सेना में हेल्पर के काम के लिए कॉन्ट्रैक्ट साइन किया है. उनकी जल्द रिहाई के लिए भारतीय दूतावास संबंधित रूसी अधिकारी से लगातार संपर्क में है.
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