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कर्नाटक हिंदू धार्मिक संस्थान और धर्मार्थ बंदोबस्ती विधेयक 2024
– फोटो : Amar Ujala
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कर्नाटक का मंदिरों से जुड़ा एक विधेयक इन दिनों चर्चा में बना हुआ है। दरअसल, शुक्रवार (23 फरवरी) को राज्य सरकार ने विधान परिषद में ‘हिंदू धार्मिक संस्थान और धर्मार्थ बंदोबस्ती (संशोधन) विधेयक’ पेश किया। विपक्षी दलों भाजपा और जेडीएस के विरोध के चलते यह विधेयक सदन से पारित नहीं हो सका।
हालांकि, पेश करने से पहले ही विपक्ष इस बिल का विरोध करता आ रहा है। भाजपा और जेडीएस का आरोप है कि सरकार मंदिरों पर टैक्स लगाकर अपने खाली खजाने को भरना चाहती है। वहीं, कांग्रेस सरकार का दावा है कि 2011 में भाजपा सरकार भी ऐसा ही विधेयक लेकर आई थी।
ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर हिंदू धार्मिक संस्थान और धर्मार्थ बंदोबस्ती (संशोधन) विधेयक क्या है? इसके प्रावधान क्या हैं? विपक्ष बिल का विरोध क्यों कर रहा है? कांग्रेस सरकार का रुख क्या है?
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