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भाजपा सांसद जसकौर मीणा।
– फोटो : अमर उजाला
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राजनीति में कोई किसी का सगा नहीं होता, अक्सर यह कहावत लोगों के बीच सुनने को मिली है। लेकिन, भाजपा की सांसद ने इसे सही साबित करके दिखा दिया। ऐसा करने वाली हैं भाजपा सांसद हैं जसकौर मीणा जो पोस्टर पर अपनी ही पार्टी के विधायक किरोड़ीलाल मीणा की तस्वीर देखकर भड़क गईं।
दरअसल, भाजपा सांसद जसकौर मीणा के संसदीय क्षेत्र में शक्ति वंदन स्वंय सहायता समूह सखी सम्मान समारोह आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम के पोस्टर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मुख्यमंत्री भजनलाल और विधायक किरोड़ीलाल मीणा की तस्वीर लगी हुई थी। मीणा की तस्वीर देखकर सांसद जसकौर भड़क गईं। उन्होंने मंच से ही राजीविका मिशन अधिकारी बलदेव गुर्जर को फोन घुमाया और फिर जमकर फटकार लगाई। उन्होंने कहा- ‘कार्यक्रम के पोस्टर में न तो स्थानीय विधायक रामबिलास का फोटो है और न मेरा है। इसमें किरोड़ी का फोटो लगा रखा है, उसका यहां क्या लेना-देना है।’
पोस्टर में फोटो न होने के कारण भाजपा सांसद जसकौर मीणा नाराज हो गई pic.twitter.com/vg8eTlBo4G
— चंद्रशेखर भांकरोटा (@YUVAMARWADI) February 23, 2024
कहां हो रहा था कार्यक्रम?
शक्ति वंदन स्वंय सहायता समूह सखी सम्मान समारोह का आयोजन गुरुवार को दौसा जिले के लालसोट के डिडवाना गांव में आयोजित किया गया था। दौसा सांसद जसकौर मीणा दोपहर 12 बजे कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने पहुंची थी। इस दौरान यह पूरा घटनाक्रम हुआ।
फटकार खाने वाले अधिकारी ने कहा- स्टेट लेवर से तय हुई चीजें
राजीविका जिला प्रबंधक बलदेव गुर्जर ने मामले को लेकर कहा कि बैनर की डिजायन समेत सभी अन्य चीजें प्रदेश स्तर पर तय हुई हैं। स्थानीय स्तर पर कोई भी निर्णय नहीं लिया गया है। अगर, यहां से कुछ होता तो कुछ भी कर सकते थे। बलदेव ने बताया कि उन्होंने सांसद जसकौर मीणा को स्टेट लेवल पर बात करने के लिए कहा था, उन्हें संबंधित लोगों के नंबर भी दे दिए थे।
एसडीएम पर भी भड़की सांसद
शक्ति वंदन कार्यक्रम में भाजपा सांसद जसकौर मीणा को एसडीम पर भी गुस्सा आ गया। वे कार्यक्रम में एसडीएम की गैरमौजूदगी पर भड़क गईं और फोन कर उन्हें भी फटकरा। इस पर एसडीएम ने कहा कि उन्हें कार्यक्रम के बारे में जानकारी नहीं थी। इसके बाद सांसद का पारा और चढ़ गया। बोलीं- पीएम मोदी द्वारा ग्रामीण महिलाओं को बढ़ावा देने के लिए ये कार्यक्रम किए जा रहे हैं, लेकिन जमीन स्तर खानापूर्ति की जा रही है। अगर, मैं यहां नहीं आती तो यह सब पोल नहीं खुलती।
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