Home Sports दादा की 13वीं पर क्रिकेट खेलने का लिया प्रण, गुरु द्रोण की तरह फूलचंद ने तराशा

दादा की 13वीं पर क्रिकेट खेलने का लिया प्रण, गुरु द्रोण की तरह फूलचंद ने तराशा

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दादा की 13वीं पर क्रिकेट खेलने का लिया प्रण, गुरु द्रोण की तरह फूलचंद ने तराशा

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सुमित राजपूत/ नोएडा: हजारों साल पहले महाभारत हुआ और गुरु द्रोणाचार्य ने अर्जुन के अंदर के प्रतिभा को पहचाना और उसने कौरवों को हराकर जीत हासिल की.आज से करीब 10 साल पहले फूलचंद शर्मा ने भी अपने शिष्य ध्रुव जुरेल (क्रिकेटर) के अंदर कुछ ऐसा ही देखा, जिसकी वजह से आज हर कोई ध्रुव की तारीफ करते नहीं थक रहा है.

ध्रुव जुरेल के कोच फूलचंद शर्मा नोएडा के सेक्टर 34 बिल्ला बोंग स्कूल के अंदर वेंडर्स क्रिकेट एकेडमी चलाते हैं. फूलचंद शर्मा ने बताया कि 2014 की बात है, जब मैं एकेडमी के अंदर अपने ऑफिस में बैठा हुआ था.अचानक से एक 14 साल का बालक मेरी ऑफिस के सामने खड़ा था. उसने कहा कि सर मुझे आपके यहां एडमिशन लेना है और खेल सीखना है.

शर्मा कहते हैं कि वह चौंक गए. उन्होंने ध्रुव से पूछा कि नोएडा में कहां रहते हो और पेरेंट्स क्या करते हैं. तो उस बालक ने अचानक से जवाब दिया कि वह नोएडा से नहीं वह आगरा से आया है. जिसके भरोसे वो आया था अब वह कॉल नहीं उठा रहा है.

दादा की तेरहवीं वाले दिन क्रिकेट खेलने का लिया प्रण
फूलचंद शर्मा ने कहा कि यह बात सुनते ही थोड़ा सा तरस आया. लेकिन ध्रुव के बात करने का कॉन्फिडेंस बता रहा था, कि इसके अंदर क्रिकेट के प्रति जुनून सवार है. उसके बाद ध्रुव के पिता से फोन पर बात की. तो उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले उनके दादाजी खत्म हो गए और उनकी 13वीं है. मेहमानों को खाना खिलाने के बाद ध्रुव घर से चला गया और बोला कि वो आज से क्रिकेट खेलने की शुरुआत खेलूंगा. तब कोच ने ध्रुव के पिता से कहा कि बालक हमारे पास सुरक्षित है. आप तसल्ली से आएं, ये हमारे पास रहेगा.

एशिया कप में मचाया धमाल
कोच फूलचंद शर्मा ने ध्रुव जुरैल को अपने हॉस्टल में रखा और लगातार चार से पांच साल की मेहनत के बाद उन्होंने देखा कि ध्रुव बहुत लंबा खेलेगा और मिसाल पेश करेगा. कड़ी मेहनत के बाद जुरैल ने पहले यूपी से अंडर-19 खेला. इस सीजन में उसने 1053 रन बनाएं. इसके बाद एशिया कप में कप्तानी संभाली और अंडर 19 वर्ल्ड कप में वाइस कैप्टन रहे. आईपीएल और इंडिया ए की तरफ से भी उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया.

शर्मा आगे कहते हैं, “2019 में दिए गए इंटरव्यू में मैंने कहा था कि हमारे यहां पर दो-तीन लड़के हैं. इसमें हर्ष त्यागी, हितेश और ध्रुव जुरैल इंडियन क्रिकेट टीम का भविष्य है. जुरैल आने वाले कल में धोनी का रिप्लेसमेंट होगा. जिस बात पर सब हंसे लेकिन आज परिणाम सबके सामने है.”

बैट और किट के लिए पिता ने लिए थे उधार
आपको बता दें कि ध्रुव जुरैल के पिता नेम सिंह बीते 1999 में हुए कारगिल युद्ध के हिस्सा भी बने थे. ध्रुव के पिता चाहते थे, कि बेटा एक फौजी बने लेकिन बेटे की जिद के आगे नहीं चली. उन्होंने एक बार 800 रुपए उधार लेकर ध्रुव को मैच किट दिलवाया. मां रंजना ने अपने गले की सोने की चैन भी बेच दी थी. इस तरह जीवन में कई उतार चढ़ाव आए.लेकिन आज ध्रुव का प्रदर्शन देख घर वाले और उनके कोच बेहद खुश नजर आए.

2 साल के करियर में ही दिखाया अपना दम
जुरैल ने अपने फर्स्ट क्लास करियर की शुरुआत साल 2022 में यूपी की तरफ से विदर्भ के खिलाफ किया. सिर्फ 16 मैचों में करीब 47 की औसत से 1 शतक और पांच अर्धशतक के सहारे 836 रन बना चुके हैं. वहीं, 10 लिस्ट मैचों में 47.25 की औसत से 189 रन उनके नाम है. आईपीएल में यह खिलाड़ी राजस्थान रॉयल्स की ओर से खेलता है. राजस्थान ने पिछले साल उन्हें 20 लाख की बेस प्राइस पर अपने साथ जोड़ा. पहले ही मुकाबले में उन्होंने पंजाब किंग्स के खिलाफ 15 गेंदों में 32 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली थी.

Tags: Cricket news, India Vs England, India vs England Test Series, Noida news, UP news

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