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Ajit Pawar
– फोटो : Social Media
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महाराष्ट्र की राजनीति हमेशा ही चर्चा का केंद्र रहती है। यहां बीच में एक ऐसा समय आया जब परिवार के दो लोग ही एक ही पार्टी को लेकर आपस में भिड़ गए। जी हां हम बात कर रहे हैं शरद पवार और अजित पवार की। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) पर अपने अपने हक के लिए दोनों ने ही काफी लड़ाई लड़ी और यह जीत अजित पवार के पाले में गई। जिस समय चाचा-भतीजा एक दूसरे से अलग हुए थे उस समय सबने अपनी अपनी राय रखीं। हालांकि, अब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने पाला बदलने और भाजपा-शिवसेना से हाथ मिलाने के अपने कारणों को स्पष्ट किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पत्र जारी किया है।
अजित पवार ने लिखा, ‘ मैंने भाजपा और शिवसेना में शामिल होते समय अलग तरह से सोचा और इसकी चर्चा अभी भी कई चैनलों के माध्यम से विभिन्न तरीकों से की जा रही है। यह पत्र मेरी सही स्थिति और सोच के बारे में राज्य के लोगों को बताने के उद्देश्य से लिखा गया है।’
मुझे संयोग से मिला राजनीति में मौका
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री ने कहा, ‘वर्ष 1991 से मैं सही मायनों में राजनीतिक जीवन में आगे बढ़ रहा हूं। मुझे राजनीति में कौन लाया, किसने मुझे मंत्री पद दिया, किसने मुझे अवसर दिए, इस पर बहुत चर्चा हुई। दरअसल मुझे राजनीति में मौका संयोग से मिला, उस समय प्रदेश स्तर पर नेतृत्व के लिए एक युवा की जरूरत थी, तो परिवार के सदस्य के रूप में मुझे वह मौका मिला। अवसर मिलने के बाद, मैंने दिन-रात कड़ी मेहनत की, अन्य सभी जिम्मेदारियों को नजरअंदाज किया और खुद को सामाजिक कार्यों के लिए समर्पित कर दिया। यह यात्रा तीन दशकों से अधिक समय से चल रही है। मेरा ध्यान हमेशा न केवल अवसरों को पाने पर बल्कि लोगों से काम कराने के लिए उनका उपयोग कैसे किया जाए इस पर भी था।’
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