[ad_1]

मणिपुर विधानसभा में राज्यपाल अनुसुइया उइक का संबोधन
– फोटो : X/@RajBhavManipur
विस्तार
मणिपुर विधानसभा बजट सत्र की शुरुआत में राज्यपाल अनुसुइया उइके सदन को संबोधित किया। मणिपुर में पिछले साल हुई जातीय हिंसा का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस दौरान 219 लोग की मौत हुई है। पूर्वोत्तर राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए राज्य बलों के साथ केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की 198 कंपनियां और 140 सेना की टुकड़ियां तैनात की गई हैं। गौरतलब है कि विधानसभा का बजट सत्र पांच मार्च तक होगा।
जातीय हिंसा में 219 लोगों की मौत हुई- राज्यपाल उइक
बजट सत्र की शुरुआत में मणिपुर विधानसभा को संबोधित करते जातीय हिंसा में 219 लोगों की मौत पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सत्यापन के बाद मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जा रही है। उइके ने कहा, शव उनके परिजनों को सौंप दिए गए हैं और उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया है।
शांति बहाली में राज्य के लोग करेंगे योगदान- उइक
सदन को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने विश्वास दिलाया कि आम लोग राज्य में शांति, भाईचारे की बहाली में योगदान देंगे। उन्होंने कहा कि मणिपुर हमेशा से एक बहु सांस्कृतिक राज्य रहा है और रहेगा, जो राज्य की विविध पहचानों का सम्मान करता है। सरकार विकास के अपने रास्ते में सभी लोगों को साथ लेकर चलने में विश्वास करती है। उइके ने कहा कि सरकार ने स्वतंत्र और पारदर्शी जांच के लिए 29 मामले केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और एक मामला राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंप दिया है।
राज्यपाल उइके ने कहा कि राज्य सरकार तीन मई, 2023 को शुरू हुई हिंसा के बाद वर्तमान कानून व्यवस्था की स्थिति से जुड़े कई मुद्दों के समाधान के लिए कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि राहत शिविरों में रहने वाले विस्थापित लोगों के लिए प्री-फैब्रिकेटेड घर बनाए गए हैं और सरकार ने हिंसा के दौरान क्षतिग्रस्त हुए स्थायी घरों के निर्माण और मरम्मत के लिए एक योजना भी बनाई है। उन्होंने कहा कि नुकसान के आकलन का बुनियादी विश्लेषण पूरा हो चुका है।
[ad_2]
Source link