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हल्दापानी में मकानों की दरारें हुईं आर पार
– फोटो : अमर उजाला
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हल्दापानी भूस्खलन क्षेत्र में चल रहा ट्रीटमेंट कार्य लोगों के लिए मुसीबत बनता जा रहा है। हल्दापानी में अब तक 20 मकानों में दरारें आ चुकी हैं, लेकिन भूस्खलन ट्रीटमेंट के काम से अब यहां करीब 12 मकानों की दरारें बढ़ गई हैं। स्थिति यह है कि एक मकान के दीवारों की दरारें इतनी चौड़ी हो गई कि आरपार दिखाई देने लगा है।
वहीं, अब प्रभावित क्षेत्र में चमोली-मंडल-ऊखीमठ हाईवे पर ड्रिलिंग के दौरान जमीन से पानी आने से काम रोक दिया गया है। लोगों ने क्षेत्र में ड्रेनेज सिस्टम दुरुस्त करने के बाद ही भू-धंसाव के ट्रीटमेंट का कार्य करने की मांग की है। बुधवार को चमोली-मंडल-ऊखीमठ हाईवे के किनारे करीब आठ मीटर तक भूमि के अंदर ड्रिलिंग की गई, लेकिन यहां जमीन से पानी का रिसाव शुरू हो गया।
सिंचाई विभाग ने अब यहां मशीन से ड्रिलिंग का काम रोक दिया। बृहस्पतिवार को भी यहां ड्रिलिंग नहीं हुई, जबकि भूस्खलन क्षेत्र में सेल्फ ड्रिलिंग का काम जारी है। वहीं, हल्दापानी में करीब 80 मकान हैं, जिसमें से 20 मकानों में दरारें आ चुकी हैं। अब ड्रिलिंग के बाद से 10 से 12 मकानों में दरारें बढ़ गई हैं। प्रभावित क्षेत्र में दरारों वाले मकानों में लोग रहने में भी डर रहे हैं।
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