Home Breaking News मौसम का कहर : CSE की रिपोर्ट का दावा-  इस साल हिमाचल ने झेली मौसम की सबसे अधिक मार, यूपी भी प्रभावित

मौसम का कहर : CSE की रिपोर्ट का दावा-  इस साल हिमाचल ने झेली मौसम की सबसे अधिक मार, यूपी भी प्रभावित

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मौसम का कहर : CSE की रिपोर्ट का दावा-  इस साल हिमाचल ने झेली मौसम की सबसे अधिक मार, यूपी भी प्रभावित

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This year Himachal faced the worst weather conditions

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– फोटो : संवाद

विस्तार


पिछले वर्ष देश के सभी राज्य और केंद्रशासित प्रदेश ने कम से कम एक दिन असामान्य मौसम की मार झेली है। सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट की ‘स्टेट ऑफ एनवायरनमेंट 2024’ की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि इन मौसमी घटनाओं के चलते 3,287 लोगों ने जान गंवाई, 1.24 लाख जानवरों की मौत हुई। 

हिमाचल प्रदेश में असामान्य मौसमी घटनाएं की सबसे अधिक संख्या 149 दर्ज की गई, इसके बाद मध्य प्रदेश में 141 और केरल और उत्तर प्रदेश में 119 प्रत्येक दिन दर्ज किए गए। वहीं, 2023 में 365 दिनों में से 318 दिनों में असामान्य मौसम की घटनाएं दर्ज की गईं। साथ ही 22.1 लाख हेक्टेयर फसल बर्बाद हुई। 

बाढ़, भूस्खलन, बादल फटने की सैकड़ों घटनाएं

रिपोर्ट के मुताबिक, आठ राज्यों में 100 से अधिक दिनों तक असामान्य मौसमी घटनाएं दर्ज की गईं। 2023 में 208 दिनों में भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन हुए। वहीं, 202 दिन बिजली गिरने और तूफान की घटनाएं, 49 दिन लू चली, 29 दिन शीतलहर और नौ दिन बादल फटने संबंधी घटनाएं हुईं। रिपोर्ट में कहा गया है कि देश में जून और सितंबर 2023 के बीच लगातार 123 दिनों तक चरम मौसम की घटनाओं को दर्ज किया गया था।

जलवायु परिवर्तन से घटेगा महासागरों में मछलियों का आकार और वजन

जलवायु परिवर्तन के कारण महासागरों में मछलियों का वजन कम हो सकता है। जापान में टोक्यो विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने पाया कि पश्चिमी उत्तरी प्रशांत महासागर में मछली का वजन 2010 के दशक में गर्म पानी के कारण खाद्य आपूर्ति को सीमित करने के कारण कम हो गया। शोधकर्ताओं के मुताबिक, ठंडे खून वाले प्राणी होने के कारण मछलियां अपने शरीर के तापमान को नियंत्रित नहीं कर सकतीं। जब समुद्र का पानी गर्म हो जाता है तो उनका चयापचय तेज हो जाता है। इसके चलते उन्हें अपने शरीर की क्रियाएं बनाए रखने के लिए और ऑक्सीजन की जरूरत होती है। एक समय ऐसा आता है जब मछलियां ऑक्सीजन की पर्याप्त आपूर्ति नहीं कर पाती। इसलिए मछलियों उनके शरीर का आकार व वजन बढ़ना धीरे-धीरे रुक जाता है।

पश्चिम हिमालय क्षेत्र में आज से फिर शुरू होगा बारिश और बर्फबारी का दौर

मौसम विभाग ने एक बार िफर 29 फरवरी से पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने का अनुमान जताया है। इसकी वजह से एक से चार मार्च तक पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र के अलावा इसके आसपास के मैदानी इलाकों में तेज बारिश के हिमपात होगा, जिससे सर्दी एक बार फिर दस्तक दे सकती है।  पश्चिमी हिमालय पर्वतमाला जम्मू- कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश के राज्यों तक विस्तारित है। यहां 115.6 मिमी से 204.4 मिमी तक बारिश होने का पूर्वानुमान है।

बारिश और बर्फबारी के कारण समूचे उत्तर भारत में ठंडी हवाओं के चलने का अनुमान लगाया गया है। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के कारण दक्षिणी छत्तीसगढ़, ओडिशा, विदर्भ, झारखंड और पश्चिम बंगाल में गंगा के तटीय इलाकों के कुछ हिस्सों में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने तथा बिजली गिरने के आसार हैं।     




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