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CRPF
– फोटो : Amar Ujala/ Rahul Bisht
विस्तार
देश के सबसे बड़े केंद्रीय अर्धसैनिक बल ‘सीआरपीएफ’ में अब सिपाही और हवलदार के लिए भी वार्षिक प्रदर्शन मूल्यांकन रिपोर्ट (एपीएआर) को भरना अनिवार्य बनाया गया है। मौजूदा व्यवस्था में सिपाही और हवलदार पद पर काम करने वालों के लिए एपीएआर भरना अनिवार्य नहीं है। सक्षम अधिकारी की मंजूरी और रिक्तियों के आधार पर जवानों को पदोन्नति मिलती रही है। अब विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) द्वारा एपीएआर का मूल्यांकन किया जाएगा। इसके बाद ही उन्हें पदोन्नति मिल सकेगी।
सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देशों के बाद सीआरपीएफ द्वारा सिपाही और हवलदारों के लिए एपीएआर भरने का नियम लागू किया जा रहा है। इसे लेकर सभी यूनिटों एवं इकाइयों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। सीआरपीएफ में अब सभी के लिए एपीएआर भरना जरूरी हो गया है। इससे पहले एएसआई से ऊपर वाले कर्मी या अधिकारी ही एपीएआर भरते थे। साल 2024-2025 से ही एपीएआर भरी जाएगी। बल में सिपाही व हवलदारों की पदोन्नति, कंपनी कमांडर की रिपोर्ट पर कमांडेंट द्वारा ही कर दी जाती है। हालांकि इसमें रिक्तियां एवं समयावधि देखी जाती है।
इस साल सिपाही एवं हवलदार, दो हिस्सों में भरेंगे एपीएआर
पहले हिस्से में, वे वित्तीय वर्ष 2024-2025 की एपीएआर दाखिल करेंगे। यह रिपोर्ट जनवरी 2024 से मार्च 2024 तक रहेगी। इसके बाद की अवधि के लिए अप्रैल 2024 से मार्च 2025 तक के लिए एपीएआर भरी जाएगी। इस नई प्रक्रिया से सिपाही और हवलदारों की पदोन्नति, थोड़ी जटिल हो जाएगी। कई जगहों पर उनके कामकाज का विस्तृत विश्लेषण होगा। पहले कॉन्फिडेंशियल कार्ड के द्वारा उन्हें पदोन्नति मिल जाती थी। अब उसके लिए ‘विभागीय पदोन्नति समिति’ गठित होगी। इसकी सिफारिश के बाद ही पदोन्नति की फाइल को मंजूरी मिलेगी।
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