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पाकिस्तान में पीएम चुने गए शहबाज शरीफ ने कई वैश्विक मुद्दे उठाए
– फोटो : amar ujala graphics
विस्तार
पाकिस्तान में प्रधानमंत्री चुने जाने के बाद पीएमएलएन नेता शहबाज शरीफ ने संसद में बयान दिया। एक बार फिर कश्मीर राग अलापते हुए शहबाज शरीफ ने कई वैश्विक मुद्दों पर बात की। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार का मकसद पड़ोसी मुल्कों के साथ रिश्तों को बेहतर बनाना है। उन्होंने कहा कि समानता के आधार पर वे संबंधों को बेहतर बनाने का प्रयास करेंगे। प्रमुख देशों के साथ संबंधों को बेहतर बनाने का वादा करते हुए शहबाज ने कहा कि पाकिस्तान कभी किसी खेल का हिस्सा नहीं बनेगा। उनकी सरकार दोस्तों की संख्या बढ़ाने पर ध्यान देगी। सदन के नेता चुने जाने के बाद शहबाज कश्मीर का राग अलापने से भी नहीं चूके। उन्होंने कश्मीर मुद्दे के साथ-साथ पश्चिम एशिया में फलस्तीन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान फलस्तीन के साथ है।
शहबाज ने आह्वान किया, ‘आइए हम सब एकजुट होकर नेशनल असेंबली से कश्मीरियों और फलस्तीनियों की आजादी के लिए एक प्रस्ताव पारित करें।’ उन्होंने गठबंधन सरकार में शामिल सहयोगियों को उन पर भरोसा दिखाने और पीएम / सदन का नेता चुनने के लिए धन्यवाद भी दिया।
शहबाज शरीफ को 201 सांसदों का समर्थन
इससे पहले 336 सदस्यीय संसद में वोटिंग के बाद प्रधानमंत्री चुने गए शहबाज के समर्थन में 201 सांसदों ने वोट डाले। उनके प्रतिद्वंद्वी उमर अयूब खान को केवल 92 वोट मिले। खबरों के मुताबिक शहबाज के प्रतिद्वंद्वी उमर अयूब खान को जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) का समर्थन हासिल है। संसद में स्पीकर ने शहबाज के प्रधानमंत्री चुने जाने का एलान किया। इससे पहले शहबाज को बड़े भाई और पूर्व पीएम नवाज शरीफ से आशीर्वाद लेते भी देखा गया। पीएमएलएन ने दोनों की मुलाकात का वीडियो आधिकारिक एक्स हैंडल पर शेयर किया है।
وزیراعظم شہبازشریف کی وزیراعظم منتخب ہونے کے بعد قائد نوازشریف سے ملاقات pic.twitter.com/akWj5UAM9B
— PMLN (@pmln_org) March 3, 2024
23 दिनों के सस्पेंस के बाद संसद में प्रधानमंत्री का एलान
बता दें कि बीते आठ फरवरी को हुए पाकिस्तान के आम चुनाव काफी विवादों में रहे। पूर्व पीएम इमरान खान की तरफ से चुनाव में धांधली के आरोप लगाए गए। मतगणना और चुनाव प्रचार में हुई अप्रत्याशित देरी के बीच निर्वाचन आयोग को भी कठघरे में खड़ा किया गया। धांधली और हेरफेर के आरोपों के बीच अमेरिका, ब्रिटेन सरीखे कई देशों ने चुनाव की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग भी की। तमाम उथल-पुथल के बीच पाकिस्तान में गठबंधन सरकार बनाने का रास्ता साफ हुआ। पीएमएल-एन नेता शहबाज शरीफ को पीएम चुना गया। पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो के बेटे बिलावल की पार्टी पीपीपी-पी और एमक्यूएम-पी ने भी इस सरकार को समर्थन दिया है।
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