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Palghar Fake Encounter: एसआईटी ने दो पुलिसकर्मियों को किया गिरफ्तार, 2018 में फर्जी एनकाउंटर करने का आरोप

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Palghar Fake Encounter: एसआईटी ने दो पुलिसकर्मियों को किया गिरफ्तार, 2018 में फर्जी एनकाउंटर करने का आरोप

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SIT arrests two policemen for 2018 alleged fake encounter of Joginder Rana in Palghar Maharashtra News Hindi

महाराष्ट्र पुलिस।
– फोटो : social media

विस्तार


महाराष्ट्र पुलिस की एसआईटी ने 2018 में पालघर जिले में फर्जी मुठभेड़ करने के आरोप में दो पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया है। मुंबई से सटे नालासोपारा इलाके में 2018 में पुलिसकर्मियों ने चोरी के मामलों में वांछित जोगिंदर राणा नाम के व्यक्ति को कथित फर्जी मुठभेड़ में मार गिराया था।

विशेष जांच दल (एसआईटी) के एक अधिकारी ने रविवार को बताया कि दोनों पुलिसकर्मियों को शनिवार को गिरफ्तार किया गया, जिनकी पहचान मंगेश चव्हाण और मनोज सकपाल के रूप में की गई है। एसआईटी अधिकारी ने बताया कि आरोपी पुलिसकर्मियों को स्थानीय मजिस्ट्रेट अदालत में पेश किया गया और उन्हें 11 मार्च तक पुलिस हिरासत में भेजा गया है।

पिछले साल बॉम्बे हाईकोर्ट ने चोरी के कई मामलों में वांछित आरोपी जोगिंदर राणा के कथित फर्जी एनकाउंटर की जांच के लिए एसआईटी गठित करने का आदेश दिया था। हाईकोर्ट में याचिका दायर कर राणा के भाई सुरेंद्र राणा ने दावा किया था कि पुलिस नाईक मनोज सकपाल और हेड पुलिस कांस्टेबल मंगेश चव्हाण ने उनके भाई का फर्जी एनकाउंटर किया। राणा ने मामले को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने के लिए अदालत से निर्देश देने की भी मांग की थी।

हाईकोर्ट के निर्देश पर पुलिस ने दर्ज किया था केस

दोनों आरोपी पुलिसकर्मी उस समय नालासोपारा में स्थानीय अपराध शाखा में तैनात थे। हाईकोर्ट के निर्देश पर पुलिस ने 2023 में जोगिंदर राणा के फर्जी एनकाउंटर मामले आईपीसी की धारा 302 (हत्या करना) और 201 (साक्ष्यों को मिटाना) के तहत मामला दर्ज किया था।

2023 में हाईकोर्ट के आदेश के बाद केस विशेष जांच दल को स्थानांतरित कर दिया गया। लेकिन एसआईटी की जांच में कोई प्रगति नहीं हुई है। हाल ही में हाईकोर्ट ने जांच पूरी नहीं करने के लिए एसआईटी को फटकार लगाई थी। अदालत ने आरोपी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ अधूरी जांच पर सवाल उठाए थे। दो जजों की पीठ ने सरकारी वकील से कहा कि वह जांचकर्ताओं के ढीले रवैये को उचित न ठहराएं। पीठ ने कहा, मामले की जांच के तरीके से हम बिल्कुल भी खुश नहीं हैं। कृपया हमें बताएं कि क्या किया गया है, अन्यथा हम जांच स्थानांतरित करने के लिए बाध्य होंगे। अदालत ने कहा, आप अपने पुलिसकर्मियों को बचाना चाहते हैं।




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